महिला चाय दुकानदार ने मंदिर परिसर में जब शराब पीने व गंदगी फैलाने से मना किया तो आरोपियों ने रास्ते में घेरकर उसे पीटा दिया। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। बाद में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सात नामजद व अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
ऐतिहासिक शादीलाल धर्मशाला के मुख्य गेट के पास चाय की छोटी दुकान चलाने वाली वाली पीड़िता सावित्री ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि धर्मशाला पर धर्म विशेष के पप्पू, रियाज, सिराज, रिजवान, आमीन और आमिर आदि ने अपना वर्चस्व कायम कर रखा है। महिला का आरोप है कि इनके साथ आने वाले अराजकतत्व मंदिर परिसर व उसके मुख्य द्वार पर बैठकर शराब पीते हैं और खाली बोतलें वहीं फेंककर चले जाते हैं। महिला दुकानदार ने जब गंदगी का विरोध किया तो आरोपी उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने लगे।
लाठी-डंडों से पीट कर घायल किया
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 14 जुलाई 2025 की रात करीब आठ बजे वह मोतीझील अस्पताल से दवा लेकर लौट रही थी तभी सिराज, रियाज, रिजवान, पप्पू और आमीन ने अपने अज्ञात साथियों के साथ उसे रास्ते में घेर लिया। विरोध करने पर लाठी-डंडों से पीट कर घायल कर दिया। राहगीरों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।
पुलिस ने नहीं की सुनवाई
पीड़िता का आरोप है कि रेलवे रोड चौकी प्रभारी से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता ने खुद अस्पताल जाकर अपना मेडिकल करवाया। पुलिस ने कार्रवाई न होने पर उसने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
कोर्ट के आदेश पर थाना सिविल लाइंस पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, अश्लील हरकत करना, आपराधिक धमकी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले की जांच सीओ सिटी अभय नारायण राय को सौंपी गई है। उन्होंने जांच के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की बात कही।