दिन-रात के तापमान में बढ़ा है अंतर
फसलों के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार सामान्य निर्धारित मात्रा के अनुसार दिन और रात के तापमान में 10 से 12 डिग्री का अंतर रखा गया है। पिछले मार्च से लेकर अभी तक यह अंतर 20 से 23 डिग्री तक आ गया है।
आशंका है कि यह अंतर अभी और बढ़ सकता है। डॉ. पांडेय ने बताया कि पिछले वर्ष मार्च में अधिकतम तापमान 39 डिग्री से ज्यादा हो गया था। इस बार इसके 40 डिग्री सेल्सियस पार करने के आसार दिख रहे हैं। इसलिए लोगों को सावधानियां बरतनी होंगी।
पहली बार इस सीजन में मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव का अध्ययन किया जा रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव असमय गर्मी-सर्दी और बारिश के ट्रेंड ने भविष्य में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। इसका सीधा असर किसानों पर भी पड़ रहा है। वैज्ञानिकों को माने तो ऐसे मौसम से फसलों की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। -डॉ. एसएन पांडेय, मौसम व कृषि विशेषज्ञ सीएसए
बदला है मौसम का मिजाज
मौसम का मिजाज (पैटर्न चेंज) बदल रहा है..यानी गर्मी, सर्दी और बारिश अपने सीजन में कम तो नहीं हो रही, लेकिन इसका समय जरूर कम हो गया है। कहने का मतलब है कि जो बारिश सर्दी और गर्मी चार महीने में हुआ करती थी। अब वो एक महीने में ही हो रही है। सर्दी, गर्मी और बारिश के दिन आगे, पीछे खिसकते जा रहे हैं।
मौसम परिवर्तन से किसानों को हो रहा नुकसान
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार पिछले एक दशक में मौसम के उतार-चढ़ाव के साथ ऋतु के बदलने का भी ट्रेंड भी देखा गया है। बताया कि ऋतु का समय पर न आकर या तो पहले आ रही है या बाद में या फिर आ ही नहीं रही है। वर्ष 2022-23 के सीजन में समय से बारिश नहीं हुई, लेकिन बाद में सामान्य से अधिक बारिश हो गई।
इससे किसानों को जबरदस्त नुकसान हुआ। समय से बारिश पूरी न होने के कारण किसानों को नुकसान हुआ पर इसकी भरपाई नहीं हो सकी, क्योंकि बाद में अधिक बारिश हो गई। इसी तरह गर्मी में जब तापमान पीक पर होना चाहिए था, तब न होकर पहले और बाद में हुआ।