गंगाघाट रेलवे स्टेशन के निकट क्रॉसिंग पर चाय लेने जा रहे सब्जी विक्रेता की मंगलवार को लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में माैत हो गई। उसका शव इंजन से पांचवें कोच में शव फंस गया। लोको पायलट ने ट्रेन रोककर कंट्रोल को सूचना दी। आरपीएफ और जीआरपी ने किसी तरह शव को निकाला। इस दाैरान ट्रेन 21 मिनट तक खड़ी रही।
राजीवनगर खंती निवासी श्रीराम (45) उर्फ पप्पू गंगाघाट रेलवे क्रॉसिंग पार कर चाय की दुकान की ओर जा रहा था। इसी दाैरान शताब्दी एक्सप्रेस आ गई। श्रीराम इंजन से टकरा कर इंजन से पांचवें नंबर के कोच के नीचे जा फंसा। इस दौरान ट्रेन पुराने रेल गंगापुल पर पहुंच चुकी थी। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी और कंट्रोल को जानकारी दी। भांजी पिंकी ने बताया कि मामा काफी दिनों से पेट की बीमारी से पीड़ित थे। वह अपनी मां और बहन के साथ सब्जी बेचकर गुजर बसर करते थे। बताया कि मामा ने कई साल पहले पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया था।
आरपीएफ के एएसआई गुप्तार सिंह ने बताया कि ट्रेन 4.34 पर आई थी। कोच के नीचे शव फंसा था। करीब 21 मिनट तक शताब्दी एक्सप्रेस खड़ी रही। इसकी वजह से लखनऊ से कानपुर जाने वाली मेमो ट्रेन, गोरखपुर यशवंतपुर एक्सप्रेस ट्रेन समेत चार ट्रेनें रेलवे स्टेशन पर रुकी रहीं।