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यूपी: कानपुर में गैंगस्टर के पास मिले तीन फर्जी मतदाता पहचान पत्र, एसटीएफ ने किया खुलासा

Sat, 20 Jun 2020 04:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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कुख्यात बदमाश वसीम उर्फ बंटा - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुख्यात बदमाश वसीम उर्फ बंटा की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। वह पासपोर्ट बनवाने से लेकर हवाई यात्रा तक में तीन फर्जी मतदाता पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर रहा था। स्थानीय पुलिस समेत अन्य एजेंसियां फजीवाड़े से अंजान बनी रहीं।
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एसटीएफ कानपुर यूनिट ने तीन दिन पहले 50 हजार के इनामी वसीम उर्फ बंटा और उसके भाई नईम को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को वसीम से संबंधित कुछ और दस्तावेज मिले है। इसमें से एक मतदाता पहचान पत्र का आईडी नंबर रन कराया गया तो अमन तिवारी के नाम से निकला।

यानी वसीम ने फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाकर अमन की आईडी नंबर डाला था। बाकी दोनों पहचान पत्रों का आईडी नंबर मैच नहीं किया। एसटीएफ के मुताबिक तीनों पहचान पत्रों का वह इस्तेमाल हर जगह करता था। सिम भी इसी पर ले रखा था।
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एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक वसीम और नईम के खिलाफ दर्ज अब तक 32 केसों का विवरण मिला है। इसमें हत्या और लूट के मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा एक दो थानों में और मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। जल्द उनको रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

धमकी देकर केस खत्म कराया था
नईम के खिलाफ शहर के एक थाने में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें वह बरी हो गया था। जांच में पता चला कि नईम के धमकाने पर पीड़ित महिला के कोर्ट में बयान पलटने से वह बरी हुआ।  

बड़ी वारदात की फिराक में थे दोनों
वसीम और नईम के मोबाइल से कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। शहर में हवाला का काम करने वाले एक दो लोगों के बारे में जानकारी मिली है। दोनों उनकी रेकी कर रहे थे। एसटीएफ को आशंका है कि दोनों मिलकर बड़ी वारदात करने की फिराक में थे। इसके लिए बदमाश व्हाट्सएप कॉल का ही इस्तेमाल करते थे। एसटीएफ को इनके हैदराबाद और गुजरात में रहने वाले साथियों के बारे में जानकारी मिली है। छानबीन जारी है।
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