गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा। बुधवार को चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 13 सेंटीमीटर ऊपर जलस्तर पहुंच गया है। किनारे बसे आठ मोहल्लों में पानी घुसने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में नावों से आवागमन कर लोग रोजमर्रा का कामकाज निपटा रहे हैं। कई घरों के अंदर पानी घुसने से लोग छत पर गुजर बसर कर रहे है। नरौरा और हरिद्वार बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नदी में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही तो खतरे के निशान 113 मीटर तक पहुंच सकती है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 112.112 मीटर था। शाम छह बजे बढ़कर 112.130 मीटर पर पहुंच गया है। नदी में पानी बढ़ने के कारण पश्चिमी गंगाघाट के मोहल्ला गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, शाही नगर, चंपापुरवा कटरी के अलावा उत्तरी क्षेत्र के मोहल्ला रविदास नगर, मालवीय नगर और श्रीनगर कटरी क्षेत्र में नदी का पानी घुस गया है।
कर्बला मोहल्ले में घुसा गंगा नदी का पानी
- फोटो : अमर उजाला
रविदास नगर का नाला उफनाने से यहां रहने वालों की दिक्कतें बढ़ गई है। पश्चिमी गंगाघाट के करीब 175 घर पानी से घिरे है आवागमन के लिए जिला प्रशासन की ओर से 12 नावें लगाई गई हैं। लेखपाल प्रशांत अवस्थी ने बताया कि लगातार जलस्तर की मॉनिटरिंग की जा रही है।
कर्बला मोहल्ले में घुसा गंगा नदी का पानी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, जलस्तर बढ़ने से लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ रहा है। आवागमन के साथ खान-पान, रहन सहन आदि पर भी असर पड़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कई घरों के अंदर पानी घुसने के कारण लोग छत पर गुजर बसर कर रहे है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नरौरा और हरिद्वार बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण उसका असर यहां देखने को मिल रहा है। बैराज खंड कानपुर के लगभग सभी चैनल गेट खोले गए है।