उत्तर प्रदेश में पहली बार फेफड़ों की फाइब्रोसिस में स्टेम सेल थेरेपी का इस्तेमाल किया जाएगा। थेरेपी मंगलवार को दी जाएगी। इसके लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने ओपीडी में पांच रोगी तय किए।
इनमें सेरिब्रल पैल्सी, पार्किंग्संस डिजीज, बर्जर डिजीज, लंग्स फाइब्रोसिस के रोगी हैं। बताया कि प्रदेश में लंग्स फाइब्रोसिस में पहली बार स्टेम सेल थेरेपी दी जाएगी। दूसरे प्रांतों में इसके अच्छे नतीजे आए हैं। स्टेम सेल से उन रोगियों को भी फायदा मिल सकता है, जिन्हें कोरोना संक्रमण के कारण फाइब्रोसिस हुई है।
डॉ. काला ने बताया कि दर्शनपुरवा के सेरिब्रल पैल्सी से पीड़ित बच्चे को स्टेम सेल थेरेपी दी गई थी। तीन सप्ताह में उसके मिर्गी के दौरे लगभग नियंत्रित हो गए हैं। इसके अलावा एक और रोगी के शरीर की अकड़न कम हुई है। उन्होंने बताया कि लंग्स फाइब्रोसिस में स्टेम सेल थेरेपी से बहुत से रोगियों की जान बच सकेगी।