गंगा में भी कहीं-कहीं प्रदूषण की मात्रा ज्यादा
गंगा और उसकी सहायक नदियों में बीओडी की मात्रा अधिक होने से जलीय जंतुओं को खतरा पैदा हो गया है। गंगा के कुछ क्षेत्रों में जहां प्रदूषण की मात्रा ज्यादा है, वहां भी जलीय जंतु कम होते जा रहे हैं। कुछ समय पहले जब भारतीय वन्य जीव संस्थान की टीम महानगर आई थी, तब भी टीम ने यहां पर जलीय जंतुओं की स्थिति को संतोषजनक नहीं बताया था।
गंगा में बीओडी की मात्रा मिलीग्राम प्रति लीटर में
बिठूर के पास..4, भैरव घाट में 4.2, अपस्ट्रीम शुक्लागंज में 4.1, जाजमऊ पुल बेथिंग घाट में 4.8, जाना गांव के पास 5.0
काली नदी
कनौज मेहंदी घाट में 5.6, मुजफ्फरनगर अपस्ट्रीम में 16, मेरठ के परीक्षितगढ़ में 46
रामगंगा
फर्रुखाबाद में-4.7
बैटरी का कचरे से बर्बाद हुई पांडु
पांडु नदी के किनारे स्थापित बैटरी बनाने वाली औद्योगिक इकाइयाें की वजह से नदी में प्रदूषित कचरा भरा हुआ है। इसे दूर कराने और नदी के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर को गंगा समग्र की तरफ से एक पत्र भी एक सप्ताह पहले दिया गया है।
30 होगी 21 जिलों की बैठक
सहायक नदियों के प्रदूषण को दूर करने को लेकर गंगा समग्र के कानपुर प्रांत से जुड़े 21 जिलों की एक बैठक कानपुर में होगी। इसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।