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UP: तीन नदियों का प्रदूषित पानी गंगा के लिए भी खतरा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ताजा रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Sun, 24 Jul 2022 09:02 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

गंगा और उसकी सहायक नदियों में बीओडी की मात्रा अधिक होने से जलीय जंतुओं को खतरा पैदा हो गया है। गंगा के कुछ क्षेत्रों में जहां प्रदूषण की मात्रा ज्यादा है, वहां भी जलीय जंतु कम होते जा रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गंगा को समृद्ध करने वाली तीन सहायक नदियाें का प्रदूषित पानी अब गंगा की सेहत के लिए ही खतरा बन गया है। पांडु, काली और रामगंगा नदी में गिरने वाला औद्योगिक इकाइयों, चीनी मिलों का रासायनिक कचरा और सीवेज बड़ी मात्रा में रोजाना सीधे गंगा में गिर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ताजा रिपोर्ट में तीनों नदियों के पानी में बायो डिसॉल्व ऑक्सीजन (बीओडी) की मात्रा निर्धारित से कहीं ज्यादा है।

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अकेले काली नदी में यह मात्रा कन्नौज के पास 5.6 मिलीग्राम प्रति लीटर और मेरठ के परीक्षितगढ़ के पास 46 मिलीग्राम प्रति लीटर है। सामान्य मात्रा चार मिलीग्राम प्रति लीटर से कम होनी चाहिए। वैज्ञानिक तथ्य यह है कि बीओडी की मात्रा यदि चार मिलीग्राम से ज्यादा होती है तो वह पानी के अंदर ऑक्सीजन की कमी कर देता है।

इससे पानी न तो पीने लायक रह जाता है और न ही जलीय जीवों का उसके अंदर रह पाना संभव होता है। इसी तरह से पानी में कुल कॉलीफार्म 1000 प्रति एमपीएन मिली लीटर से कम होना चाहिए, लेकिन यह भी 10 गुने से ज्यादा पाया गया है। कॉलीफार्म पानी में सीवरेज का कचरा जाने से बढ़ता है। सहायक नदियों के अलावा गंगा में भी बिठूर, गोलाघाट, जाजमऊ ब्रिज, शुक्लागंज में प्रदूषण की मात्रा बढ़ी हुई पाई गई है।

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गंगा में भी कहीं-कहीं प्रदूषण की मात्रा ज्यादा
गंगा और उसकी सहायक नदियों में बीओडी की मात्रा अधिक होने से जलीय जंतुओं को खतरा पैदा हो गया है। गंगा के कुछ क्षेत्रों में जहां प्रदूषण की मात्रा ज्यादा है, वहां भी जलीय जंतु कम होते जा रहे हैं। कुछ समय पहले जब भारतीय वन्य जीव संस्थान की टीम महानगर आई थी, तब भी टीम ने यहां पर जलीय जंतुओं की स्थिति को संतोषजनक नहीं बताया था।

गंगा में बीओडी की मात्रा मिलीग्राम प्रति लीटर में
बिठूर के पास..4, भैरव घाट में 4.2, अपस्ट्रीम शुक्लागंज में 4.1, जाजमऊ पुल बेथिंग घाट में 4.8, जाना गांव के पास 5.0

काली नदी
कनौज मेहंदी घाट में 5.6, मुजफ्फरनगर अपस्ट्रीम में 16, मेरठ के परीक्षितगढ़ में 46
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रामगंगा 
फर्रुखाबाद में-4.7

बैटरी का कचरे से बर्बाद हुई पांडु
पांडु नदी के किनारे स्थापित बैटरी बनाने वाली औद्योगिक इकाइयाें की वजह से नदी में प्रदूषित कचरा भरा हुआ है। इसे दूर कराने और नदी के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर को गंगा समग्र की तरफ से एक पत्र भी एक सप्ताह पहले दिया गया है।

30 होगी 21 जिलों की बैठक
सहायक नदियों के प्रदूषण को दूर करने को लेकर गंगा समग्र के कानपुर प्रांत से जुड़े 21 जिलों की एक बैठक कानपुर में होगी। इसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
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