जच्चा-बच्चा अस्पताल में जन्म देने के बाद बच्ची को मां छोड़कर चली गई थी। एनआईसीयू में पिछली 22 अक्तूबर से भर्ती थी। बच्ची का राजकीय बाल गृह शिशु नया ठिकाना होगा।
हैलट के बाल रोग विभाग से मासूम पलक बुधवार को सबकी पलकें भिंगोकर राजकीय बाल गृह शिशु (बालिका) के लिए विदा हो गई। पलक पिछली 22 अक्तूबर से एनआईसीयू में भर्ती थी। जच्चा-बच्चा अस्पताल में जन्म देने के बाद उसकी मां उसे यूनिट में ही भर्ती हालत में छोड़कर चली गई थी। इस मौके पर ही बच्ची को पलक नाम दिया गया।
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बाल कल्याण समिति के निर्देशों के अनुसार सुबह 11.30 बजे सीएमएस डॉ. विनय कुमार, विभागाध्यक्ष डॉ. एके आर्या और सहायक नर्सिंग अधीक्षक राजकुमारी खरवार समेत रेजीडेेेंट्स और स्टाफ ने उसे विदाई दी। इस दाैरान सभी की आंखें नम हो गईं। डॉक्टर विनय कुमार ने बताया कि पलक सबकी लाडली हो गई थी। पिछले पांच महीने से वह साथ में रह रही थी। अस्पताल की ओर से मां के बताए गए पते पर टीम भी भेजी गई थी, लेकिन पता ही गलत निकला। जब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो गई तो विभाग की ओर से उसे संस्था को नामित किए जाने के लिए पत्राचार किया गया। उसके जाने का सभी को अफसोस है।