33 महीनों में 1061 रातें जेल में कैसे काटी हैं इसका दर्द बयां नहीं किया जा सकता। तीन साल मां, पत्नी और बच्चों से दूर रहने का बहुत कष्ट है। मां सिर पर हाथ रखेगी उनका आशीर्वाद लूंगा। यह बात सोमवार रात 8:15 बजे जिला कारागार से रिहा हुए सीसामऊ के पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी ने कही। बाहर आकर बच्चे जिनिया और मुज्जू के माथे को चूमा तो आंखों से आंसू छलक पड़े। कहा, अब एक नई जिंदगी की शुरूआत करनी है।
जेल के बाहर रिजवान की रिहाई की जानकारी होते ही सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ लग गई। रिहाई होती है, परिवार, दोस्त और कार्यकर्ताओं ने गले लगना शुरू कर दिया। रिजवान जेल से सबसे पहले नमाज अता करने ईदगाह पहुंचे। इसके बाद अब्बू हाजी मुश्ताक सोलंकी की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ा। वहां से वह परिवार के लोगों और कार्यकर्ताओं के साथ जाजमऊ डिफेंस कालोनी घर के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर जेल के बाहर मां खुर्शीदा और पत्नी रोजी रिजवान का बेसब्री से इन्तजार करतीं दिखीं।
जेल से रिहा हुआ रिजवान
- फोटो : अमर उजाला
सीपी के आवास पर किया था आत्मसमर्पण
इरफान सोलंकी और रिजवान सोलंकी ने दो दिसंबर 2022 को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड के आवास पर आत्मसमर्पण किया था। सात जून 2024 को इरफान व रिजवान समेत अन्य आरोपियों को सात साल कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
आगजनी का था मामला
जाजमऊ के डिफेंस काॅलोनी निवासी नजीर फातिमा के घर आगजनी के मामले में सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान समेत अन्य आरोपियों को दो दिसंबर 2022 को जेल भेजा गया था। जेल जाने के बाद इरफान व रिजवान के खिलाफ ग्वालटोली थाने से फर्जी आधार कार्ड से यात्रा, सरकारी काम में बाधा, चमनगंज से आचार संहिता का उल्लंघन, जाजमऊ से गैंगस्टर एक्ट, अनवरगंज में कोरोना अधिनियम उल्लंघन, कर्नलगंज में चुनाव प्रभावित करने समेत कई मुकदमे दर्ज किए गए थे।