कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट कराने की दो चरण की प्रक्रिया छह महीने है। अगर एक ही बार में इसे किया जाए तो ट्रांसप्लांट कराने वाले की जान जाने का खतरा रहता है। ट्रांसप्लांट करने में व्यक्ति को जो एनेस्थीसिया दी जाती है, उसका असर चार घंटे बाद कम होने लगता है। इसे रिपीट करने में दिक्कत हो सकती है। ट्रांसप्लांट उसी अस्पताल में कराया जाए जहां आईसीयू की सुविधा हो। व्यक्ति को अगर चक्कर, बेहोशी आए तो उसे तुरंत इंटेंसिव केयर यूनिट में रखें। यह बात जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रेम शंकर ने बताई।
उन्होंने नेशनल मेडिकल कमीशन-2022 की गाइडलाइन के हवाले से बताया कि हेयर ट्रांसप्लांट प्लास्टिक सर्जन करते हैं। एमडी डिग्री वाले त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मिटोलॉजिस्ट) भी इसे प्लास्टिक सर्जन की देखरेख में कर सकते हैं। इनके अलावा गाइडलाइन में किसी को हेयर ट्रांसप्लांट करने की अनुमति नहीं है। जिसका हेयर ट्रांसप्लांट होता है, उसकी दो दिन पहले खून की जांच कराई जाती है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हृदय आदि की जांच होती है। एलर्जी टेस्ट भी कराया जाता है।
पहले चरण में एक से दो हजार बाल प्रत्यारोपित किए जाते हैं। छह महीने के बाद दूसरा चरण होता है। इतने में जरुरत भर बाल प्रत्यारोपित हो जाते हैं। सिर के पिछले हिस्से के बाल लिए जाते हैं। उन्हें सिर के खाली स्थान पर लगाया जाता है। अगर सिर में बिल्कुल बाल नहीं हैं तो संबंधित व्यक्ति के सीने के बाल और दाढ़ी के बाल को प्रत्यारोपित किया जाता है।
यह स्टाफ जरूरी
- साफ-सुथरा ओटी, इमरजेंसी उपकरणों से सुसज्जित हो
-एक प्लास्टिक सर्जन या प्रशिक्षित डर्मिटोलोजिस्ट जरूरी
- एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ होना आवश्यक
- कम से कम दो प्रशिक्षित स्टाफ नर्स हो
- कम से कम पांच ओटी टेक्नीशियन जरूरी
ये रोगी हेयर ट्रांसप्लांट न कराएं
हाई ब्लड प्रेशर, अनियंत्रित हाई ब्लड शुगर, लिवर रोग, गुर्दा रोग तथा कैंसर रोगी। खून पतला करने की दवा खाने वाले रोगी।
ट्रांसप्लांट कराने वाले को एहतियात जरूरी
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेतांक और डॉ. युगल राजपूत ने बताया कि हेयर ट्रांसप्लांट कराने के बाद ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखना जरूरी होता है। व्यक्ति को आगे को ट्रांसप्लांट कराने के बाद आगे की तरफ नहीं झुकना चाहिए। सिर गीला न हो और सीधे लेटें। ट्रांसप्लांट कराने के पहले सिर की सतह की सेहत की जांच जरूरी होती है। डैंड्रफ की स्थिति जांचना जरूरी होता है।