उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एन के गुप्ता ने मौतों के लिए सीधे नगर पालिका को जिम्मेदार ठहराया है। डीएम को पत्र भेजकर कहा है कि पालिका की लापरवाही से यहां गोशाला में भूसा, चूनी, चोकर, नमक और पशु आहार जैसी चीजें नहीं हैं। बुधवार की सुबह डॉ. एनके गुप्ता टीम के साथ पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचने के पहले ही चार मवेशियों ने दम तोड़ दिया। गोशाला के कर्मचारी अरविंद और प्रदीप ने मृत मवेशियों को दूर जंगलों में फेंकवा दिया।
ड्यूटी पर तैनात रामपाल ने बताया कि बिजली की व्यवस्था न होने से शाम ढलते ही गोशाला में अंधेरा हो जाता है, जिससे जंगली जानवर घुस आते हैं। मृत गोवंशों को खा जाते हैं। दीपावली के समय गोशाला के पांच कर्मचारी छुट्टी पर गए थे, जो आज तक वापस नहीं आए।
गोशाला में लापरवाही की जानकारी मिली है। अधिशासी अधिकारी को तलब किया गया है। गोशाला में व्यवस्थाओं को सुधारने के साथ ही लापरवाह कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। - रावेंद्र सिंह,उपजिलाधिकारी, अतर्रा