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यूपी: उन्नाव में बाघ के हमले से किसान की मौत, तीन किमी में मिले पंजे के 300 निशान, दर्जनों गांवों में दहशत

Fri, 24 Dec 2021 05:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव

सार

उन्नाव में औरास के रामपुर गढ़ौवा गांव में किसान पर हमला करने वाले जानवर की वन विभाग की जांच में बाघ के रुप में पुष्टि हुई है। खेत में बाघ के पंजों के करीब 300 निशान मिले हैं। लखनऊ जिले के मलिहाबाद तक बाघ की चहल कदमी की पुष्टि हुई है।
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उन्नाव: बाघ के हमले से किसान की मौत - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उन्नाव के औरास में रामपुर मगढ़ौवा गांव में खेत में मौजूद एक किसान की जान लेने और एक को घायल करने वाला जानवर बाघ था। खेतों में पंजे के निशानों की जांच के बाद वन विभाग ने इसकी पुष्टि की है। गांव से तीन किमी दूर लखनऊ जिले के मलिहाबाद के खड़ौवा गांव तक जाने के निशान मिले हैं। वन विभाग के एसडीओ ने बाघ के लखनऊ सीमा में चले जाने की बात कही है।
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वन अधिकारियों और कर्मचारियों की 50 सदस्यीय टीम 12-12 घंटे निगरानी कर रही है। बाघ के लौटने के निशान मिलते ही पिंजरा लगाया जाएगा। वहीं आसपास के दर्जनभर गांवों की करीब 20 हजार आबादी दहशत मे है। गुरुवार शाम खेत गए रामपुर गढ़ौवा निवासी किसान रामलखन (45) इसी गांव के कमलेश (30) पर जंगली जानवर ने हमला कर घायल कर दिया था।

देर रात लखनऊ ट्रामासेंटर में कमलेश की मौत हो गई थी। घायलों ने बाघ के हमले की बात कही तो वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। डीएफओ ईशा तिवारी के निर्देश पर एसडीओ आरएन चौधरी व दीपक श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे थे। लेकिन अंधेरा होने से जांच नहीं हो सकी। शुक्रवार सुबह लखनऊ मंडल के मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह और उन्नाव के दोनों एसडीओ पचास सदस्यीय  टीम के साथ मौके पर पहुंचे और खेतों व जगंल में कांबिंग शुरू की।
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इस दौरान जांच टीमों को पंजे के निशान मिले। परीक्षण में पंजे के निशान बाघ के होने की पुष्टि हुई तो सनसनी फैल गई। पंजों के निशान का पीछा करते हुए टीम करीब तीन किमी दूर मलिहाबाद के खड़ौवा गांव तक पहुंची। बाघ के पंजे के निशान वापस लौटने के न मिलने से मलिहाबाद की ओर चले जाने की पुष्टि हुई। वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी मंगलवा लिया लेकिन बाघ के गांव की तरफ लौटने की पुष्टि न होने से पिंजरा नहीं लगवाया गया।

उसे वन विभाग की औरास चौकी में रखवा दिया गया है। हसनगंज के रेंजर देवदत्त ने बताया कि बाघ के लौटने की पुष्टि होने पर स्थान चिन्हित कर पिंजरा लगाया जाएगा। उसमें चारा के लिए बकरा या कोई अन्य जानवर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 25-25 सदस्यीय दो टीमों की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। जो लगातार निगरानी कर रही हैं।
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