कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 52 विधानसभा सीटों के अनुसूचित जाति के लगभग 23 लाख मतदाताओं को विपक्षी दलों को मोह से निकालकर अपने पाले में करने के लिए भाजपा बड़ा अभियान शुरू कर रही है। इसके लिए पार्टी ने अनुसूचित जाति के कुशल और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया है।
सामाजिक संवाद नाम से चलने वाले इस अभियान में ये कार्यकर्ता अपने संपर्कों के जरिये शहरी क्षेत्र की बस्तियों और गांवों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने का काम करेंगे। बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की जनसभाओं में जुट रही भीड़ ने भाजपा हाईकमान को चिंता में डाल दिया है।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले दिनों हुई अखिलेश और प्रियंका की जनसभाओं में इन पार्टियों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनके नेताओं के कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कम भीड़ नहीं हो रही है। माना जा रहा है कि इस भीड़ में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या अच्छीखासी है। बसपा पहले से ही इन मतदाताओं को अपना मूल जनाधार मानती रही है।
आगामी विधानसभा चुनाव में इसे चुनौती मानकर भाजपा ने सामाजिक संवाद अभियान की रूपरेखा बनाई है। इसके लिए पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं का पैनल बनाकर अनुसूचित जाति के सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का जिम्मा सौंपा गया है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यहां अभियान शुरू करने की तैयारी है।
अभियान में इन बिंदुओं पर फोकस
- अनुसूचित जाति के पढ़ेलिखे और जागरूक लोगों तक पहुंच बनाकर उनको पार्टी में लाने की कोशिश होगी।
- गांवों और घर-घर जाकर बिरादरी के लोगों को बताएंगे कि पिछली सरकारों से ज्यादा भाजपा ने उनके लिए काम किया है।
- सभी जिलों, विधानसभा क्षेत्रों, पार्टी की मंडल और बूथ इकाइयों में संवाद गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
- बिरादरी के लोगों की तरफ से इस अभियान को लेकर जो भी बातें आएंगी, उसकी रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।