ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कानपुर को सीधे मुंबई के जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह से जोड़ेगा। मार्च में खुर्जा(बुलंदशहर) से दादरी(नोएडा) तक ईस्टर्न डीएफसी का काम पूरा हो जाएगा। खुर्जा से कानपुर देहात के न्यू भाऊपुर सेक्शन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन कर चुके हैं। दादरी से मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट तक वेस्टर्न डीएफसी का भी काम चल रहा है। दादरी दोनों कॉरिडोर का मिलन केंद्र है।
आयात निर्यात में होगी आसानी
भारत के सबसे बड़े कंटेनर बंदरगाह मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से कानपुर के जुड़ने से औद्योगिक इकाइयों को अपने उत्पादों को निर्यात करने और कच्चे माल को आयात करने में काफी सहूलियत हो जाएगी। मार्च 2021 में तो कानपुर दादरी से जुड़ेगा।
दिसंबर 2021 में यह प्रयागराज से और जून 2022 में दोनों डीएफसी आपस में कनेक्ट हो जाएंगे। इससे न सिर्फ कानपुर बल्कि इस रूट पर पड़ने वाले वो सभी जिले, जो किसी उत्पाद को बड़े पैमाने पर बनाने का काम होता है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पादों को पहुंचाने और पकड़ बनाने में मदद मिलेगी।
ईस्टर्न डीएफसी मार्च में वेस्टर्न डीएफसी के दादरी से जुड़ जाएगा। जून 2022 तक दोनों डीएफसी के जुड़ने से इस रूट पर पड़ने वाली औद्योगिक इकाइयों को काफी मदद मिलेगी।
अंशुमान शर्मा, निदेशक, डीएफसी परियोजना