कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम के लिए घरेलू सत्र 2025–26 निराशाजनक रहा। सीनियर स्तर पर टीम किसी भी बड़ी घरेलू ट्रॉफी को अपने नाम नहीं कर सकी। विजय हजारे, रणजी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टीम ने अच्छे प्रयास किए, लेकिन निर्णायक चरणों में पिछड़ गई। यह पिछले चार सालों में पहली बार है कि यूपी टीम किसी भी वर्ग में ट्रॉफी नहीं जीत पाई।
विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप बी में यूपी ने दमदार खेल दिखाते हुए सात जीत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, लेकिन 12 जनवरी 2026 को बंगलूरू में हुए क्वार्टर फाइनल में सौराष्ट्र के खिलाफ मैच बारिश के कारण रोकना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करते हुए यूपी ने अभिषेक गोस्वामी और समीर रिजवी की शानदार 88–88 रनों की पारियों के दम पर 50 ओवर में आठ विकेट खोकर 310 रन बनाए। वहीं सौराष्ट्र 40.1 ओवर में तीन विकेट पर 238 रन तक पहुंच चुका था, तभी खेल रोक दिया गया। मैच दोबारा शुरू नहीं हो सका और वीजेडी नियम के तहत सौराष्ट्र को 17 रनों से विजेता घोषित कर दिया गया।
रणजी ट्रॉफी 2025-26 में यूपी टीम एलीट ग्रुप ए में खेली, लेकिन टीम नॉकआउट दौर तक नहीं पहुंच सकी। पांच राउंड के बाद 17 अंकों के साथ यूपी चौथे स्थान पर रही। कुछ मुकाबलों का ड्रॉ रहना और वडोदरा के खिलाफ रद्द मैच ने टीम की राह कठिन बना दी। हालांकि रिंकू सिंह ने तमिलनाडु के खिलाफ पहली पारी में अहम योगदान देकर अपनी उपयोगिता दिखाई।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टी-20 में भी टीम औसत प्रदर्शन कर सकी। ग्रुप चरण में कुछ जीत मिली, लेकिन प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। वहीं अंडर-23 पुरुष वर्ग में यूपी ने बेहतर प्रदर्शन किया। स्टेट ए ट्रॉफी (वनडे) में टीम फाइनल तक पहुंची और वानखेड़े स्टेडियम में तमिलनाडु से हारकर उपविजेता रही। कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में यूपी ने एलीट ग्रुप में खेलते हुए ग्रीनपार्क कानपुर में सौराष्ट्र के खिलाफ पहली पारी में 746 रनों का विशाल स्कोर बनाकर अपनी ताकत दिखाई। वहीं टूर्नामेंट का दूसरा चरण अभी जारी है।
महिला अंडर-23 टीम को नहीं मिली खिताबी सफलता
महिला अंडर-23 टीम खिताबी दौड़ से बाहर रही। लीग चरण में चंडीगढ़ पर 10 विकेट से जीत हासिल हुई, लेकिन तमिलनाडु के खिलाफ नौ विकेट की हार ने विजय अभियान को प्रभावित किया। वनडे ट्रॉफी में प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा। अंडर-15 टीम भी क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गई।