अनहोनी पर पिता पंकज, मां रोशनी रोने लगीं। दोपहर करीब दो बजे के करीब परिजन ने डेरापुर-मंगलपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया मगर परिजन ने पुलिस पर चालक को छोड़ देने का आरोप लगा दिया और चालक को पकड़ कर मौके पर लाने व मुआवजे की मांग पर अड़ गए। इस पर एसडीएम सुरभि शर्मा, सीओ राजीव सिरोही कई थाना के फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत करवाया। शाम 5:45 बजे परिजन शांत होकर सड़क से हट गए। इसके बाद पुलिस से शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जाम में फंसे रहे भारी वाहन
बालक की मौत पर परिजन की ओर से डेरापुर-मंगलपुर मार्ग जाम किए जाने से भारी वाहन सवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि दो पहिया व हल्के वाहन गांव के अंदर होकर आवागमन करते रहे। शाम करीब 5:45 बजे परिजन के हटने के 15 मिनट बाद मार्ग पर यातायात पूर्ण रूप से सुचारू होने पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो सका।
दुग्ध वाहन से कुचल कर बालक की मौत
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पता नहीं था कि बेटा नहीं लौटेगा
हादसे में सारतिक की मौत पर उसकी मां रोशनी, पिता पंकज रो-रोकर बेहाल हो गए। रोशनी ने बताया कि अक्सर पति ही बेटे को साथ लेकर दुकान से टॉफी या अन्य सामान दिलाने जाते थे। रविवार को वह घर पर खाना पका रही थी। इस दौरान बेटा टॉफी लेने की जिद करने लगा तो उसने बेटे को रुपये दे दिए। इस पर पर वह अकेला ही दुकान पर चला गया। दुकान से लौटने के दौरान दुग्ध वाहन चालक की लापरवाही से हुए हादसे से उसका बेटा अब कभी घर नहीं लौटेगा।
परिजन को शांत करवाकर जाम खुलवाने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हिरासत में लिए गए चालक से पूछताछ की जा रही है। मामले में सारतिक के परिजन की ओर से तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - राजीव सिरोही, सीओ डेरापुर