पिकअप चालक की बेटी किरन कुशवाहा बनी टॉपर
हाईस्कूल का परिणाम घोषित होने के बाद शहर के शिवाजी इंटर कॉलेज अर्रा में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। ढोल बाजे के साथ शिक्षक और छात्र छात्राएं झूम कर नाचे। नौबस्ता कानपुर निवासी किरन कुशवाहा ने 97.50 प्रतिशत अंक हासिल कर शहर की टॉपर बनी। पिता संजय कुशवाहा पिकअप चलाते हैं। मां रूमा देवी ग्रहणी है। परिवार में पांच बहनों में किरण सबसे छोटी है। किरण ने कहा कि मेरी ईस उपलब्धि का श्रेय मेरे पिता व चाचा अनिल कुशवाहा को जाता है। क्योंकि जब कभी फीस जमा करने के पैसे नहीं हुए तो चाचा ने पूरी मदद की। उनकी वजह से इतना हौसला बड़ा। वहीं, दूसरा श्रेय स्कूल के शिक्षकों को दिया। किरन ने कहा कि यदि आप पूरा फोकस अपनी पढ़ाई पर रखते हैं तो सफलता जरूर मिलेगी। अब आगे चलकर आईएएस अफसर बनना है। किरन के चाचा अनिल कुमार सब्जी विक्रेता हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की पढ़ाई ना रुके यही हमारा लक्ष्य।
हार्ड वर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क करना है जरूरी
शिवाजी इंटर कॉलेज अर्रा की पलक अवस्थी ने 97.17 प्रतिशत अंक हासिल कर शहर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। पलक के पिता राजकुमार अवस्थी फर्नीचर कारोबारी हैं और मां पिंकी अवस्थी ग्रहणी है। परिवार में एक बड़ी बहन दीक्षा अवस्थी है। नौबस्ता नारायण पुरी निवासी पलक अवस्थी ने कहा कि आज के समय को देखते हुए हार्ड वर्कर के साथ-साथ स्मार्ट वर्क करना भी बहुत जरूरी है। समय के हिसाब से खुद को अपडेट करते रहें तभी सफलता मिलेगी। पलक ने कहा कि आगे चलकर इंजीनियर बनना है, जिसके लिए अभी से ही तैयारी करनी शुरू कर दी है। पलक ने कहा कि सेल्फ स्टडी पर ज्यादा भरोसा रखना चाहिए। दिन में चार से पांच घंटे मैंने सेल्फ स्टडी की है और इसके अलावा पिछले कोर्स को रोजाना पढ़ना चाहिए। इससे आप को भूलने वाली समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय स्कूल के शिक्षकों को दिया।
बिना कोचिंग के करी पढ़ाई, प्रदेश में पाया नवां स्थान
बिना कोचिंग कर शहर की नैंसी वर्मा ने हाई स्कूल में 97 अंक प्राप्त कर प्रदेश में नवां और शहर में तीसरा स्थान हासिल कर स्कूल का गौरव बढ़ाया है। जरौली फेस टू निवासी सुनील वर्मा ऑटो चालक है। पत्नी मंजू वर्मा ग्रहणी है। परिवार में बेटा सत्यम, बेटी सान्या, नैंसी व सृष्टि। नैंसी शिवाजी इंटर कॉलेज अर्रा में हाई स्कूल की पढ़ाई कर रही है। नैंसी ने कहा कि खुद पर भरोसा करें और अपनी पढ़ाई पर फोकस करें, तो सफलता जरूर हाथ लगेगी। सफलता का कोई शॉर्टकट तरीका नहीं है। मेहनत ही आपको अपनी मंजिल तक पहुंचा सकती है। नैंसी ने कहा कि आगे चलकर आईपीएस अधिकारी बन कर लोगों की सेवा करना है। नैंसी ने कहां की जितनी उम्मीद थी उतने नंबर मिले हैं। अन्य युवाओं के लिए कहा कि पढ़ाई के लिए जब तक आप टाइम टेबल निर्धारित नहीं करेंगे, तब तक पढ़ाई ठीक से नहीं हो सकती।