फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: अपर्णा यादव बोलीं- अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य की पदवी को लेकर हमारे पास कोई फैक्ट नहीं

Sat, 24 Jan 2026 10:05 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

महिला आयोग की उपाध्यक्ष अर्पणा यादव हरदोई में एक प्रतिष्ठान के उद्घाटन समारोह में पहुंची। तलाक के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत मामला है। 
विज्ञापन
हरदोई पहुंचीं अपर्णा यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अर्पणा यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शंकराचार्य की उपाधि पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य की पदवी को लेकर जो व्यवस्था है उसमें चार शंकराचार्य हैं। वह शंकराचार्य हैं या नहीं इसको लेकर हमारे पास कोई फैक्ट नहीं है। प्रयागराज में हुई घटना को लेकर अपर्णा यादव ने कहा कि हम लोकतांत्रिक देश में रहते हैं। कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है। प्रतीक यादव से तलाक के सवाल पर अपर्णा यादव ने इसे व्यक्तिगत मामला बताकर चुप्पी साध ली।
विज्ञापन


शहर के धर्मशाला रोड पर एक प्रतिष्ठान के उद्घाटन समारोह में आईं अपर्णा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणी बेहद गलत है। उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए। वह स्वयं भी एक गुरु हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सनातन के संत हैं और उनको वैसे भी गुस्सा नहीं आना चाहिए। अपर्णा यादव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के उस बयान को लेकर जवाब दे रही थीं जिसमें कहा गया कि एक ऐसा सीएम है जो हर समय गुस्से में रहता है और बुलडोजर की राजनीति करता है। अपर्णा यादव ने कहा कि प्रयागराज में जो अव्यवस्था हुई वह जांच का विषय है लेकिन इसे लेकर छींटाकशी नहीं करनी चाहिए। बाद में अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि वह अविमुक्तेश्वरानंद की पदवी पर सवाल नहीं उठा रही हैं लेकिन जनता को पता चलना चाहिए कि वास्तविकता क्या है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधर्म का पालन करते हैं। मुरादाबाद में हिंदू युवती को बुरका पहनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए जो भी दोषी मिले उस पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी, बावन के पूर्व ब्लॉक प्रमुख समीर सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें