कानपुर शहर में गुरुवार सुबह हुई झमाझम बरसात ने केस्को की पोल खोलकर रख दी। बेमौसम बरसात ने उद्योगों को 70-80 करोड़ का झटका दे दिया। सुबह 6:30 बजे गई बिजली दो बजे तक आ पाई। बिजली न आने से पहली पाली में 50 हजार से ज्यादा वर्कर खाली बैठे रहे। इसको लेकर उद्यमियों में जबरदस्त गुस्सा है। उनका कहना है कि केस्को की केंद्रीयकृत प्रणाली बेदम है, कहीं पर कोई सुनवाई नहीं होती है। बेमौसम बरसात में ये हाल है तो बारिश में तो उद्योगों में ताले लगाने पड़ जाएंगे।
दादानगर, पनकी साइट एक, दो, तीन, चार और पांच, फजलगंज, इस्पातनगर में 10 हजार के करीब अलग-अलग इकाइयां हैं। बरसात के चलते सुबह बिजली चली गई। उद्यमियों ने बताया कि पहली पाली सुबह सात बजे से शुरू होती है। केमिकल, प्लॉस्टिक, इंजीनियरिंग, पैकेजिंग उद्योग अनवरत चलते हैं, उनमें दिन-रात काम होता है। बिजली न आने से इन इकाइयों में कच्चा माल खराब हो गया। बिजली न होने से उत्पादन नहीं हो सका। उद्यमियों ने बताया कि केस्को ने केंद्रीयकृत प्रणाली लागू करने से पहले संयुक्त रूप से उद्योग संगठनों के साथ बैठक की थी।
कानपुर में बेमौसम बारिश की मार
- फोटो : amar ujala
उद्योगों में बार-बार ट्रिपिंग की भी समस्या
बताया गया कि कि ये व्यवस्था लागू करने से पहले उद्योगों से सहमति ली जाएगी पर ऐसा नहीं किया गया और इसे एक दिसंबर से लागू कर दिया गया। बिजली जाने पर उद्यमियों ने टोल फ्री नंबर और उपभोक्ता केंद्रों पर शिकायतें की लेकिन बिजली आने संबंधी कोई भी जानकारी नहीं दी गई। सुबह 6:30 बजे गई बिजली अलग-अलग फेज में 12:30 बजे से सामान्य होना शुरू हुई। कुछ उद्योगों में दो बजे के बाद बिजली आ सकी। इससे उत्पादन ठप रहा। उद्यमियों का कहना है कि हाल ही में तेज गर्मी पड़ने से उद्योगों में बार-बार ट्रिपिंग की भी समस्या रही थी।
कानपुर में बेमौसम बारिश की मार
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केस्को की केंद्रीयकृत व्यवस्था बेदम है। गुरुवार को बरसात शुरू होने के बाद गई बिजली घंटों बाद आ सकी। इकाइयों में आधे दिन तक काम नहीं हुआ। 50 हजार से ज्यादा श्रमिक इकाइयों में बिना काम के बैठे रहे। 70-80 करोड़ का नुकसान उद्योगों को हुआ है। मेरी इकाई में दो बजे बिजली आई। पहले फाल्ट होने पर एक्सईएन को फोन करो तो वह ठीक हो जाता था। -सुनील वैश्य, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
कानपुर में बेमौसम बारिश की मार
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अभी तो गर्मी पड़ने शुरू हुई और बेमौसम बरसात से उद्योगों को इतना बिजली संकट सहना पड़ रहा है। आगे क्या होगा। एक दिन में ही इतना नुकसान हुआ है। लगातार बरसात में तो बिजली जाने पर उद्योगों को बंद करने की नौबत आ जाएगी। केस्को के अधिकारी कर क्या रहे हैं। -दिनेश बरासिया, जिलाध्यक्ष, आईआईए