सभासद अतीक की झोपड़ी में रहते थे
कुछ महीने से वह घर के पास जमीन पर जन सहयोग से मंदिर का निर्माण करा रहे थे। बड़े भाई वीरेंद्र ने बताया कि मिलनदास घर से खाना खाकर करीब 200 मीटर दूर निर्माणाधीन मंदिर में चले जाते थे। मंदिर के पास स्थित सभासद अतीक की झोपड़ी में रहते थे। मंगलवार दोपहर करीब 12 खाना खाकर निकले थे।
पीठ और अन्य अंगों पर गहरे जख्म
वह अतीक की झोपड़ी में थे। इसी दौरान मोहल्ले के मोहम्मद इसराइल, शफी, शानू, यामीन, लल्ली और उसके साथियों ने मिलनदास पर चाकू से हमला कर दिया। इससे पीठ और अन्य अंगों पर गहरे जख्म हो गए। चीख सुनकर पहुंचे सभासद अतीक ने सीएचसी पहुंचाया वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
उन्नाव-हरदोई मार्ग जाम करने का प्रयास
साधु की हत्या की जानकारी पर लोगों की भीड़ लग गई। सीएचसी के सामने उन्नाव-हरदोई मार्ग जाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समझाकर शांत करा दिया। मिलनदास छह भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उन्होंने विवाह नहीं किया था। कोतवाल अखिलेशचंद्र पांडेय ने घटना स्थल की जांच की।
पांच नामजद और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट
सूचना पर विधायक श्रीकांत कटियार भी पहुंचे और पुलिस को जल्द से जल्द घटना का खुलासा करने के लिए कहा। सीओ संतोष सिंह ने बताया कि बड़े भाई ने पांच नामजद और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपी सफी, यामीन और लल्ली को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शानू और इजरायल की तलाश की जा रही है।
भजन और नशेबाजी के बिंदु पर भी पूछताछ
साधु मिलनदास जिस झोपड़ी में रहते थे वहां अक्सर नशेड़ियों का जमावड़ा लगता था। यह भी चर्चा है कि मुस्लिम बस्ती के बीच बन रहे मंदिर के पास झोपड़ी में साधु अक्सर भजन सुनते और गाते थे। इसे लेकर भी कुछ लोग खुन्नस मानते थे। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। यह भी जांच की जा रही कि नशा करने या मादक पदार्थ न देने पर किसी ने आक्रोश में हत्या तो नहीं की।
मंदिर की जमीन को लेकर भी थी खुन्नस
जिस जमीन पर मिलनदास मंदिर बनवा रहे थे उस पर विवाद या रंजिश के बिंदु पर जांच में पुलिस को पता चला है कि मिलनदास के पिता दो भाई थे। दोनों भाइयों के बीच चार बिस्वा जमीन थी। दोनों भाइयों में दो-दो बिस्वा जमीन का बंटवारा हुआ था। अब उनके बेटों में एक हिस्से में छह और दूसरे में पांच हिस्सेदार हैं।
अलग-अलग लोगों को बेचा गया
चर्चा है कि इस जमीन के कुछ हिस्से को अलग-अलग लोगों को बेचा गया है। भाई वीरेंद्र ने बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। मंदिर की जमीन पर भी किसी तरह का विवाद नहीं है। सीओ संतोष सिंह ने बताया कि सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
बोधेश्वर मंदिर में 13 साल पहले मिलनदास पर हुआ था हमला
मिलनदास इससे पहले नगर के प्रतिष्ठित बोधेश्वर मंदिर में सेवा करते थे। सात सितंबर 2013 को कुछ लोगों ने रात में मंदिर में घुसकर मंदिर के महंत कृष्ण कुमार तिवारी उर्फ चैतन्य ब्रह्मचारी, सेवादार मिलनदास और जोगीकोट निवासी सेवादार कल्लू पर हमला कर घायल कर दिया था। करीब 20 दिन बाद कल्लू की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद से यहां पीएसी तैनात रहती है।
2023 में बोधेश्वर मंदिर में घुसकर युवक ने श्रद्धालुओं को पीटा था
सितंबर 2023 में मोहल्ला दरगाह शरीफ निवासी जावेद ने डंडा लेकर बोधेश्वर मंदिर परिसर में घुसकर दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया था। इसमें छह लोग घायल हो गए थे। मंदिर परिसर में मौजूद पीएसी ने जावेद को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। उस समय भी मिलनदास बोधेश्वर मंदिर में सेवादार थे।