खाना भेजने के लिए कहा था
उन्नाव-लालगंज हाईवे पर बुधवार रात करीब 10 बजे ककरारी गांव के पास कंटेनर का टायर पंक्चर हो गया। कोई और सहयोगी न होने से प्रदीप ने रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाना के अटौरा गांव निवासी बुआ श्यामा को फोन करके फुफेरे भाई हरिश्चंद्र (35) से खाना भेजने के लिए कहा।
ट्रक तीनों को टक्कर मारते हुए निकल गया
श्यामा ने हरिश्चंद्र को खाना देकर परिवार के ही पौत्र नितेश कुमार उर्फ मिथुन (20) पुत्र रज्जन के साथ ककरारी भेजा। खाना खाने के बाद रात करीब 11:30 बजे तीनों टायर बदल रहे थे। इस दौरान रायबरेली की ओर से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक तीनों को टक्कर मारते हुए निकल गया।
कानपुर हैलट रेफर किया गया
हादसे में तीनों गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने हरिश्चंद्र और चालक प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। नितेश को पहले जिला अस्पताल बाद में कानपुर हैलट रेफर किया गया। परिवार के तीन लोगों की मौत से परिजन बेहाल हो गए।
शवों का पोस्टमार्टम कराया
थानाध्यक्ष राहुल सिंह ने बताया कि दो शव का उन्नाव और एक का कानपुर में पोस्टमार्टम हुआ है। टक्कर मारने वाले ट्रक का पता लगाया जा रहा है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। फिलहाल टीमें मामले की जांच में जुटी है। जल्द ही ट्रक और चालक को पकड़ा जाएगा।
वाहन चलाकर और मजदूरी करके करते थे पालन-पोषण
हाईवे पर हादसे का शिकार हुए तीनों युवक गाड़ी चलाकर और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। घटना के बाद तीनों परिवारों में कोहराम मचा है। हादसे में मृत प्रदीप, हरिश्चंद्र का फुफेरा भाई था जबकि नितेश, हरिश्चंद्र का भतीजा था। प्रदीप दो भाइयों में बड़ा था। पांच बच्चों में चार बेटी और एक बेटा है।
परिजन रो-रोकर बेहाल
पति की मौत से पत्नी शांति उर्फ शालू बेहाल हैं। हरिश्चंद्र और नितेश कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। मां श्यामा ने बताया कि बेटा हरिश्चंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी हो चुकी थी, पत्नी उमा व दो बच्चे हैं। वहीं तीन भाइयों में दूसरे नंबर का नितेश कुमार अविवाहित था। मां बबिता, बहन आरती व अन्य परिजन बेहाल हैं।