जघन्य वारदात के बाद मंगलवार दोपहर आईजी ने बांगरमऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी दिनेश त्रिपाठी ने अब तक हुई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी दी। मृतका के परिजनों की संलिप्तता की आशंका जताई। आईजी ने मृतका के पिता व मां को बुलाकर पूछताछ की। पहले तो दोनों गुमराह करते रहे। बाद में अपने ही बुने जाल में फंस गए और सच उगल दिया। आईजी ने बताया कि मृतका के पिता की घर के सामने रहने वाली महिला से गहरी नजदीकियां थीं। तीन माह पहले वह महिला को अपने साथ दिल्ली लेकर गया था। महिला की मां ने बेटी को भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एक महीने पहले महिला घर लौटी तो परिजनों के दबाव में प्रेमी (बच्ची के पिता) पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश में लग गई। उधर प्रेमिका के जेठ, देवर व दो भाई बच्ची के बड़े होने पर जघन्य कृत्य करने की धमकी दे रहे थे। इससे ऊबे बच्ची के पिता ने प्रेमिका व उसके परिजनों को सबक सिखाने के लिए अक्सर बीमार रहने वाली बेटी को ढाल बनाया। पहले उसकी हत्या की। फिर दुष्कर्म की धारा लगवाने के लिए नाजुक अंग में चोट पहुंचाई। आईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जघन्य हत्याकांड में मृतका के पिता के अलावा योजना में मां भी शामिल है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।