उन्नाव के पाटन में मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर प्रशासन को नजरें फेरता देख अब पीड़ित परिवार ने बिना पुलिस को जानकारी दिए पैदल मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जाने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि प्रशासन अब तक सीएम से मिलवाने की तारीख निश्चित नहीं कर सका और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
बिहार थाना क्षेत्र में गत 5 दिसंबर को सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को जला दिया गया था। दिल्ली से सफदरगंज अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री से मिलने की बात कह परिजनोें ने बेटी के शव को दफनाने से मना कर दिया था। कमिश्नर मुकेश मेश्राम व आईजी एसके भगत ने उन्हें शीघ्र मुख्यमंत्री से मिलवाए जाने का आश्वासन दिया था।