उन्नाव के बिछिया गांव के बीटेक छात्र ने ऑटोमेटिक सैनिटाइज मशीन तैयार कर सीएचसी में स्थापित की है। जिससे अस्पताल में गुजरने वाले मरीजों के अलावा अस्पताल कर्मी ऑटोमेटिक सैनिटाइज होंगे। बिछिया गांव निवासी दीपक राजपूत बिजनौर के इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक (इलेक्ट्रिकल) का छात्र है।
लॉकडाउन के दौरान घर वापस आ गया। अपने काबिलियत व सोच के जरिए होल्डिंग पाइप खरीदकर ऑटोमेटिक नोजल स्प्रे सैनिटाइज मशीन बनाने के प्रयोग में जुट गया। कानपुर शहर के सागर मार्केट से इलेक्ट्रिकल यंत्रों को खरीदकर एक पखवाड़ा में ऑटोमेटिक सैनिटाइज यंत्र तैयार कर दिया।
शनिवार को सीएचसी के कोविड वार्ड के द्वार पर इसे लगाया है। दीपक राजपूत ने बताया कि सैनिटाइज यंत्र में लगा सेंसर लोगों के आने-जाने पर मशीन को खुद ही चालू कर देगा। तीन सेकेंड बाद खुद बंद हो जाता है।
दीपक ने बताया कि एक लीटर सैनिटाइजर करीब दो सौ लोगों को सैनिटाइज करेगा। इसे बनाने में महज 2500 रुपये लागत आई है। जिसे सीएचसी के कोविड अस्पताल को भेंट किया है। सीएचसी प्रभारी डॉ. आरपी सचान व अस्पताल कर्मियों ने इंजीनियरिंग छात्र के हुनर की तारीफ की।