कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में कक्षा में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश के आरोपी तीनों छात्रों को बहाल कर दिया गया। पीड़ित छात्रा की शिकायत पर मामले की जांच कर रही आंतरिक कमेटी की रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया।
वहीं, पीड़ित छात्रा ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करेगी। जांच के दौरान छात्रा के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात सामने आई है जिसके बाद से विवि ने छात्रा को काउंसलर की मदद प्रदान करने का भी फैसला लिया है।
विवि में संचालित होने वाले कैंपस कोर्स में एक विभाग की छात्रा ने अपने साथ पढ़ने वाले तीन छात्रों रितेश, अनुज व वैभव पर रेप के प्रयास और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाने की शिकायत की थी। विवि प्रशासन ने आंतरिक शिकायत समिति को जांच का निर्देश दिया। साथ ही, पिता की तहरीर पर कल्याणपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। आंतरिक कमेटी ने मामले की जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई जिसमें छात्रा घटनास्थल के बजाए अपनी कक्षा में जाती दिखी। इसके अलावा उसने अन्य छात्रों के कक्षा में आने और बचाने की बात कही। उन छात्रों से पूछताछ की गई। सभी छात्रों की कलमबंद गवाही लेने के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट विवि के कुलपति को सौंप दी। कुलपति के निर्देश पर रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा ने कार्रवाई की है।
प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर पीड़िता के दिए गए बयान के अनुसार कोई ठोस सुबूत नहीं मिला। वहीं, समिति ने कमेटी ने भी ठोस सबूत न मिलने और छात्रा के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात कह कार्रवाई न करने की सिफारिश की थी। पीड़िता के लिए किसी सरकारी संस्था के वरिष्ठ चिकित्सक से परामर्श लेने। विवि के वरिष्ठ काउंसलर को मदद करने का निर्देश दिया है। काउंसलर को पीड़िता के अभिभावक को भी इस मामले से अवगत कराने का निर्देश दिया है। पीड़िता की ऑनलाइन क्लास चल रही है।