फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अजूबा कुदरत काः उम्र 72 की जोश जवां, इनके सामने 'दहकता सूरज' भी कुछ नहीं

Sat, 07 Jul 2018 07:03 AM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
चित्रांश कुलदीप एक टक सूरज को देखते हुए
धरती एक से बढ़कर एक अजूबों से भरी पड़ी है। अजूबा माने जाने वाले ऐसे ही एक शख्स हैं चित्रांश कुलदीप सिन्हा। उन्हें लोग सूर्ययोगी कहते हैं। कानपुर में जन्मे 72 साल के चित्रांश कुलदीप बिना चश्मे के अपनी नंगी आंखों से दोपहर के समय भीषण गर्मी के दहकते सूरज को बिना पलक झपकाए कई मिनट तक देख सकते हैं। उनकी इस प्रतिभा के लिए कई बार उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। चित्रांश कुलदीप अपनी इस शक्ति को सूर्य देवता का आशीर्वाद मानते हैं। 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- कई दिनों तक एक कमरे में बंद रहे थे कुलदीप...
 
विज्ञापन

2 of 6
दोपहर की भीषण गर्मी में आग उगलते सूरज को कई मिनट तक बिना पलक झपकाए देखते हैं कर्नलगंज के चित्रांश कुलदीप
चित्रांश कुलदीप ने कहा कि योगासन के जरिए उन्होंने यह शक्ति प्राप्त की है। बताया कि साल 1979 में कई दिनों तक वह अपने कर्नलगंज स्थित घर पर एक ही कमरे में बंद रहे। उन दिनों उनकी नजर काफी कमजोर थी जिसकी वजह से चश्मा लग गया था। एक दिन उन्होंने कुछ ऐसा महसूस किया कि कोई प्राकृतिक शक्ति उनके भीतर पहुंच चुकी है। 

आगे की स्लाड में पढ़ेंः- योगक्रिया लगातार करते हैं कुलदीप....
 
विज्ञापन

3 of 6
1979 से कर रहे हैं सूरज को नंगी आंखों से देखने का अभ्यास
चित्रांश कुलदीप की योगक्रिया लगातार जारी रही। गर्मियों के सीजन में एक दिन दोपहर के समय उन्होंने सूरज को एक टक देखा। काफी देर तक वह सूरज को देखते रहे लेकिन उनकी पलक नहीं झपकी। इसको उन्होंने अगले दिन फिर से किया तो एक घंटे तक बिना पलक झपकाये वह दहकते सूरज को देखते रहे। 
 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- किसी को उनकी बातों पर नहीं हुआ विश्वास...
 

4 of 6
डीएम और मेयर कर चुके हैं चित्रांश कुलदीप की प्रतिभा की प्रशंसा
इसके बाद उन्होंने अपनी इस शक्ति के बारे में मोहल्ले के लोगों को बताया तो किसी को उनकी बातों पर विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने सभी लोगों के सामने आधे घंटे तक सूरज को एक टक देखकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- डीएम और मेयर ने दिया प्रशस्ति पत्र....
 
विज्ञापन

5 of 6
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की कर रहे तैयारी
तत्कालीन कानपुर के डीएम और मेयर ने उन्हें इस प्रतिभा के लिए प्रशस्ति पत्र भी दिया। आज करीब 72 साल की उम्र में भी चित्रांश कुलदीप को उनकी इसी शक्ति ने काफी मशहूर कर दिया है। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कुलदीप अपना नाम दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- क्या कहते हैं एक्सपर्ट...
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
चित्रांश कुलदीप
एक्सपर्ट्स कमेंट
कुलदीप का कहना है कि वह किसी भी तापमान में बिना पलक झपकाए एक टक सूर्य को देख सकते हैं। उनका मानना है कि सूर्य ने खुद उन्हें यह शक्ति दी है। इस बारे में नेत्ररोग विशेषज्ञ ने अपने कमेंट दिए हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ऑक्युलर ऑनकॉलोजी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र प्रकाश मौर्या ने कहा कि सूरज को नंगी आंखों से देखना अच्छी बात नहीं है। सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट (पराबैंगनी) किरणें आंखों के रेटीना को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं। आंखों की रोशनी तक जा सकती है। किसी भी शख्स को ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे आंखें खराब हो सकती हैं। योगक्रिया में त्राटक अभ्यास के माध्यम से सूरज देखना अलग चीज है। हठ योगी ही ऐसा कर सकता है। कानपुर के चित्रांश कुलदीप को कोई नुकसान नहीं हो रहा है यह अजीब बात है और मेडिकल साइंस के लिए शोध का विषय है। सूरज को लगातार देखने के लिए केवल आंखें ही नहीं खानपान और सोने-जगने का नियम भी जरूरी है। सूरज की किरणों के आंखों में पड़ने से सोलर इक्लिप्स और फोटो थर्मिया बीमारी होती है। इससे आंखों के पर्दे का सबसे नाजुक हिस्सा मैकुला जम जाता है। आंखों की रोशनी चली जाती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें