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ये डिवाइस झटपट पकड़ेगी पंप पर पेट्रोल- डीजल में हो रही घटतौली 

Sat, 19 May 2018 12:29 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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माधवराव लोंधे - फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी कानपुर के मैकेनिकल विभाग के पीएचडी स्कॉलर माधवराव लोंधे ने खास तरह की डिवाइस बनाई है। फ्यूल क्वांटिफायर नाम की इस डिवाइस की मदद से पेट्रोल पंप पर होने वाली घटतौली को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। 

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माधवराव ने बताया कि जल्द ही यह डिवाइस बाजार में उपलब्ध होगी। इसे बाइक और चार पहिया वाहन में लगा सकते हैं। इसकी मदद से पेट्रोल लेते समय देख सकेंगे कि जितना पैसा दिया है, उतने का पेट्रोल मिला या नहीं। उन्होंने बताया कि यह डिवाइस देखने में कोन जैसी है। इसे कार, बाइक या अन्य किसी वाहन के फ्यूल टैंक में इस तरह लगाया जाएगा कि पेट्रोल या डीजल पंप का नोजल डिवाइस से होते हुए टंकी में जाएगा। डिवाइस को ब्लूटूथ या वाई-फाई के जरिये मोबाइल फोन में एक खास एप्लीकेशन से जोड़ा जाएगा। इस एप्लीकेशन को प्ले स्टोर से डाउन लोड करना होगा। इसके बाद पेट्रोल या डीजल भरवाते ही उसकी रीडिंग मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी।

लोंधे ने बताया कि उन्होंने यह डिवाइस साथी पीएचडी छात्र महेंद्र कुमार गोहिल की मदद से मैकेनिकल विभाग के प्रो. नचिकेता तिवारी की देखरेख में तैयार की है। अब इस डिवाइस के लिए एप भी लांच करने की तैयारी है। संस्थान ने इस शोध को पेटेंट करा लिया है। डिवाइस को और अपग्रेड करने की कोशिश की जा रही है, ताकि इससे पेट्रोल-डीजल में मिलावट को भी पकड़ा जा सके।
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माधवराव के अनुसार फ्यूल क्वांटिफायर डिवाइस प्रति यूनिट टाइम के हिसाब से तेल मापती है। नोजल से टंकी में तेल जाने की गति चाहे तेज हो या फिर धीमी, उसका असर रीडिंग पर नहीं पड़ता। डिवाइस में कई सेंसर लगे हैं। सबसे पहले तेल मैग्नेटिक रोटर में जाता है। इसमें लगे ब्लेड घूमने लगते हैं और तेल की रीडिंग आने लगती है। डिवाइस की रीडिंग एकदम सही आती है, लेकिन सेंसर में गड़बड़ी होने पर कुछ अंतर आ सकता है। यह अंतर 1000 एमएल में अधिकतम 5 एमएल का हो सकता है।

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