करीब एक साल बाद फूलबाग और आसपास की बाजारों की पार्किंग समस्या को दूर करने का रास्ता शुक्रवार को खुल गया। हाईकोर्ट ने फूलबाग में केडीए की प्रस्तावित भूमिगत पार्किंग निर्माण को मंजूरी दे दी है। हालांकि कोर्ट ने पार्किंग के ऊपर पार्क बनाने, निर्माण के दौरान पेड़ न काटने और पार्क में आने वालों को पार्किंग में प्राथमिकता देने के आदेश भी दिए हैं। केडीए अधिकारियों ने आदेश की प्रति मिलने के बाद भूमिगत पार्किंग का काम शुरू करने की बात कही है। करीब 66 करोड़ रुपये से 650 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग का निर्माण होगा।
फूलबाग, बिरहाना रोड, माल रोड आदि पर आने वाले वाहनों की पार्किंग समस्या के मद्देनजर 2014 में केडीए ने गणेश उद्यान की जमीन पर भूमिगत पार्किंग और 150 दुकानों की योजना बनाई थी। दिल्ली की पालिका बाजार की तर्ज पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट को केडीए बोर्ड ने मंजूर किया था। करीब 7000 वर्गमीटर जमीन के नीचे पार्किंग - दुकानें और इसके ऊपर पार्क डेवलप करने के प्रस्ताव पर नगर निगम ने भी अपनी एनओसी दे दी थी। जुलाई 2014 में पार्किंग के लिए खुदाई भी शुरू करा दी गई थी।
ऐसे मामला पहुंचा कोर्ट
इसी बीच मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसमें कहा गया कि फूलबाग ऐतिहासिक मैदान है, वाहनों के खड़े होने से यहां प्रदूषण फैलेगा। केडीए की यह योजना मास्टर प्लान के भी खिलाफ है। इस पर कोर्ट ने 12 सितंबर 14 को पार्क में व्यावसायिक गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया। इस पर केडीए ने 14 अक्तूबर 2014 को बोर्ड में प्रस्ताव रखकर प्रोजेक्ट से दुकानों को हटा दिया। इसके बाद केडीए ने भूमिगत पार्किंग के लिए गड्ढा खोदने का काम शुरू करा दिया। याचिकाकर्ताओं ने इस पर दोबारा याचिका दायर की। कोर्ट ने 29 जुलाई 2015 को केडीए को पार्किंग का गड्ढा भरने का आदेश दिया। इसी कड़ी में सुनवाई के बाद 6 अक्तूबर 2014 को कोर्ट ने केडीए से फूलबाग मैदान को पुराने स्वरूप में करने का आदेश दिया। केडीए ने इन दोनों आदेशों के खिलाफ 27 नवंबर 15 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि चूंकि मामला अभी हाईकोर्ट में चल रहा है, ऐसे में यह आदेश फाइनल जजमेंट की तरह है। बाद में यदि पार्किंग बनाने का फैसला हुआ तो अब तक हुए काम पर लगा धन बरबाद हो जाएगा। साथ ही जनहित के मद्देनजर इस मामले की सुनवाई जल्द की जाए।
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कोर्ट ने फूलबाग में प्रस्तावित भूमिगत पार्किंग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के बाद पार्किंग का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
पीके सिंह, अपर सचिव, केडीए