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डाक्टर की पत्नी भी नहीं बच पाई डेंगू के दंश से

Fri, 19 Aug 2016 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
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डेंगू मच्छर
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 तेजी से फैल रहे डेंगू के दंश ने शुक्रवार को सेवानिवृत चिकित्सक की पत्नी सुधा की जान ले ली। कानपुर शहर में इस साल डेंगू से हुई माैत का पहला मामला है। वहीं दूूसरी आेर सरकारी और निजी चिकित्सालयों में बुखार के मरीज बहुतायत में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने बुखार आने पर झोलाछाप के चक्कर में पड़ने के बजाय स्पेशलिस्ट से इलाज कराने की सलाह दी है।
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बसंत विहार निवासी सेवानिवृत चिकित्सक डॉ. ओएन मौर्या की पत्नी सुधा मौर्या (56) को 16 अगस्त से बुखार आ रहा था। पहले तो मोहल्ले में ही इलाज कराया, पर बुखार उतरने के बजाय 17 अगस्त को सुबह उन्हें उल्टी, दस्त होने लगे, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। यह देख बेटा आनंद उन्हें रीजेंसी ले गया और भर्ती कराकर इलाज शुरू कराया। आनंद ने बताया कि अस्पताल में डॉ. मयंक और डॉ. अजमल ने उसकी मां को डेंगू होने की आशंका जताते हुए इलाज शुरू किया। कई जांचें भी कराईं। शाम को जांच रिपोर्ट आने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। लगातार हालत बिगड़ते देख डेंगू की भी जांच कराई गई, जिससे डेंगू की पुष्टि हुई। रात में डेढ़ बजे हालत और बिगड़ने पर सुधा को वेंटीलेटर लगाया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार को सुबह करीब छह बजे सुधा की मौत हो गई। अस्पताल से मिले मृत्यु प्रमाणपत्र में भी उनकी मौत की वजह डेंगू एनएस-1 पॉजिटिव लिखी गई है।
स्वास्थ्य विभाग और निगम की लापरवाही से शहर में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। 10 दिन में डेंगू के 37 मरीज मिल चुके हैं। शुक्रवार को डेंगू जैसे लक्षणों वाले 21 मरीजों के रक्त के नमूने जीएसवीएम मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे गए, इनकी जांच 20 अगस्त को होगी।
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