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Kanpur News: नहीं मिल पा रहा माता-पिता का एपिक नंबर, बुजुर्ग महिलाएं परेशान

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कानपुर। गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में बुजुर्ग महिलाओं के लिए उनके माता-पिता का एपिक नंबर (इलेक्टर्स फोटो आईडेंटटी कार्ड) गले की फांस बन गया है। मायके में अधिकांश बुजुर्ग महिलाओं को दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं। किसी के खो गए हैं तो किसी माता-पिता का देहांत हो गया है। इस कारण ये महिलाएं आधे अधूरे फार्म जमा कर रही हैं। इससे बीएलओ को फीडिंग में कई समस्याएं आ रही हैं।
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जिले में 3620 बीएलओ एसआईआर अभियान में लगाए गए हैं। 25 लाख 38 हजार से अधिक मतदाता हैं। लगभग 26 प्रतिशत डिजिटाइजेशन यानी 90 हजार लोगों का कार्य पूर्ण कर किया गया है। मतदाता जो भी फार्म भरकर दे रहे हैं, उसमें कई प्रकार के बिंदु भरने से बच रहे हैं। वोटरों की जन्मतिथि, आधार, मोबाइल नंबर, पिता का नाम, पिता का एपिक नंबर, मां का नाम, माता का एपिक नंबर भरा जाना है। एक बीएलओ ने बताया कि वृद्ध महिलाओं के मायके से संबंधी डिटेल न मिलने से समस्या आ गई है। आवेदन आधे-अधूरे जमा हो रहे हैं। फीडिंग में दिक्कतें आ रही हैं।

2003 की मतदाता सूची हुई ऑनलाइन
चुनाव आयोग ने लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एसआईआर की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 2003 को मतदाता सूची को ऑनलाइन कर दिया है। अब मतदाता आसानी से अपनी जानकारी ऑनलाइन देखकर एसआईआर प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। एडीएम वित्त डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट में एसआईआर 226 विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद दाहिने तरफ दिए गए सर्च इन लास्ट एसआईआर या सर्च बाय इलेक्ट्रेट डिटेल विकल्प का चयन करना होगा। यदि किसी को बूथ नंबर नहीं पता है, तो वह उसे छोड़ सकते हैं। अनुभाग का नाम और क्रम संख्या भी छोड़ सकते हैं, लेकिन नाम भरना अनिवार्य है। इसके बाद, पिता का नाम भरकर सर्च करने पर मतदाता सूची का पूरा विवरण प्रदर्शित हो जाएगा।
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