कानपुर। क्रिकेट में अंपायर का निर्णय मैच की दिशा बदल सकता है। इसलिए एक अच्छे अंपायर के लिए नियमों की गहरी समझ, परिस्थितियों को परखने की क्षमता और निष्पक्ष निर्णय लेना बेहद जरूरी है। यह बात बीसीसीआई पैनल के अंपायर अनिल चौधरी ने शुक्रवार को ग्रीनपार्क स्टेडियम में आयोजित यूपीसीए की अंपायरिंग और स्कोरिंग स्टेट कार्यशाला के दूसरे दिन कही।
ग्रीनपार्क के न्यू प्लेयर पवेलियन में आयोजित कार्यशाला में अनिल चौधरी ने प्रदेश के पुरुष और महिला अंपायरों को आधुनिक क्रिकेट के नियमों और उनकी व्यावहारिक उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने वनडे, टी-20 और टेस्ट क्रिकेट में अंपायर की भूमिका पर चर्चा करते हुए टॉस से लेकर अंतिम गेंद तक की जिम्मेदारियों को विस्तार से समझाया।
उन्होंने नो-बॉल, बाउंसर, फ्री-हिट, एलबीडब्ल्यू और अंपायर कॉल जैसे महत्वपूर्ण नियमों को उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया। अनिल चौधरी ने कहा कि मैदान पर अंपायर को किसी भी दबाव से प्रभावित हुए बिना नियमों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। इसके लिए नियमों की नियमित जानकारी और परिस्थितियों का लगातार अभ्यास आवश्यक है। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभव साझा करते हुए अंपायरों को मैदान पर आने वाली चुनौतियों से भी अवगत कराया।
कार्यशाला में सुपर ओवर के दौरान अंपायरिंग से जुड़े नियमों और निर्णय प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। वहीं बीसीसीआई पैनल के स्कोरर पी. जयपाल ने स्कोररों को आधुनिक स्कोरिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बॉक्स स्कोरिंग, मैट स्कोरिंग, लीनियर स्कोरिंग और स्कोरर सिग्नल की जानकारी दी। कार्यशाला में प्रदेश के 35 जिलों के 96 अंपायर और 37 स्कोरर ने भाग लिया।