मौलाना उमर गौतम का कनेक्शन जिले के तमाम सियासी और दीनी शख्सियत से था। इनमें कुछ प्रत्यक्ष तो कई परोक्ष रूप से असामाजिक गतिविधियों और धर्म परिवर्तन जैसे अपराधों में शामिल रहे हैं। पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई को उनकी गतिविधियों की समय-समय पर जानकारी भी मिली लेकिन कई तरह के प्रभाव में कई मामले दर्ज करने के पहले रफा-दफा हो गए।
दर्ज होने के बाद कुछ की विवेचना तो हुई लेकिन किसी अंजाम तक नहीं पहुंचे। एक चर्चित मामला गाजीपुर कस्बे में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे विदेशी मौलाना फिरोज आलम रिजवी का 2021 में सामने आया था।
मौलाना फिरोज ने कूटरचित कागजातों से मूल पहचान छिपाकर भारतीय पासपोर्ट सहित वोटर कार्ड, आधार, बैंक एकाउंट, ड्राइविंग लाइसेंस तक बनवा लिए। 2021 में मौलाना की गिरफ्तारी के दौरान नेपाल का मूल निवास होने का दस्तावेज मिलने से इसका खुलासा हुआ था।
विदेशी मौलाना के भारतीय पासपोर्ट बनाने में स्थानीय दो परिचयदाता का नाम सामने आया था। उसे कई प्रभावशाली व्यक्तियों का संरक्षण भी प्राप्त था। लेकिन इन परिचयदाता और संरक्षणदाताओं को अब तक विवेचकों से क्लीनचिट मिली है।
जांच में विदेशी मौलाना के पासपोर्ट में उसका सत्यापन करने वाले एलआईयू के तत्कालीन दरोगा पर भी तलवार लटकी थी। इसके बाद पासपोर्ट की फाइल गायब होने का जिक्र किया गया। जबकि पूर्व की जांच में पासपोर्ट में एलआईयू के दरोगा और दो परिचयदाताओं का नाम का उल्लेख था।
उन्हें नोटिस भी भेजा गया। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसी तरह बैंक अकाउंट खुलवाने में भी एक गारंटर का जिक्र किया गया। उस मामले में भी अब तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
मौलाना फिरोज इस समय जेल में निरुद्ध है। उसका परिचयतदाता और संरक्षण देने वाले उमर से जुड़े थे और वह भी संपर्क में था। उसके कई धर्म परिवर्तन के मामलों की गांव में चर्चा है, लेकिन पुलिस प्रकाश में नहीं लाई।
पहचान छिपाकर गाजीपुर में रहा
गाजीपुर कस्बे में पहचान छिपाकर रह रहे नेपाली मूल के मौलाना फिरोज आलम को पुलिस ने 2021 में गिरफ्तार किया था। उससे पुलिस ने भारतीय पासपोर्ट, मतदाता पहचानपत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक समेत कई भारतीय दस्तावेज बरामद किए थे। थाना गाजीपुर में नेपाली मौलाना के ऊपर धर्म परिवर्तन, धोखाधड़ी, फर्जी पासपोर्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।