कानपुर देहात। रूरा थाना क्षेत्र के एक गांव की एक किशोरी व उसकी मौसेरी बहन को करीब सात साल पहले अगवा करने के बाद बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया था। इस मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने दो आरोपियों को दोष सिद्ध करते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अर्थदंड लगाया है।
रूरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने पीड़िता की मां ने जनवरी 2019 में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पुलिस को बताया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी 25 नवंबर 2018 को अपनी 17 साल की मौसेरी बहन के साथ कपड़े खरीदने के लिए रूरा गई थीं। वापस आते समय गांव के ही लकी उर्फ पिंटू, संजय ने घर चलने की बात कहकर दोनों को कार में बिठा लिया। आरोप था कि रास्ते में उन लोगों ने डरा धमका कर दोनों किशोरियों को नशीला पदार्थ पिलाने के बाद अगवा कर ले गए। इसके बाद उनको बंधक बनाकर दोनों ने उनके साथ गैंग रेप किया।
किसी तरह छूटकर घर आई किशोरियों ने परिवार को घटना की जानकारी दी थी। रूरा पुलिस से शिकायत की। मामले में कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। इधर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चार फरवरी 2019 को मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा था। साथ ही 15 जून 2019 को आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-13 में चल रही थी। अदालत ने वादिनी, दोनों पीड़त किशोरियों व गवाहों के बयानों, पुलिस विवेचना और अभियोजन, बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी लकी उर्फ पिंटू व संजय को को दोषीसिद्ध करते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।