ऐसे में बैठे-बैठे थक जाते हैं यात्री
जबकि वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली वाया कानपुर से प्रयागराज होते हुए वाराणसी जाती है। यह दूरी 758 किमी है। ऐसे में कानपुर तक यात्रियों को चेयरकार की जरूरत नहीं है, क्योंकि वंदे भारत सुबह छह बजे चलकर 10:08 बजे पहुंचा देती है। वाराणसी यह ट्रेन दोपहर दो बजे पहुंचती है। ऐसे में यात्री बैठे-बैठे थक जाते हैं।
एग्जिक्यूटिव क्लास का दिल्ली से वाराणसी का किराया 3335 रुपये
स्लीपर का किराया एग्जिक्यूटिव क्लास के बराबर रखने की तैयारी है। इसका टिकट एसी चेयरकार से महंगा होगा लेकिन एग्जिक्यूटिव चेयरकार के लगभग बराबर होगा। नई दिल्ली से वाराणसी तक का एसी चेयरकार का किराया 1805 रुपये और एग्जिक्यूटिव क्लास का किराया 3335 रुपये है। कानपुर तक चेयरकार का किराया 1115 और एग्जिक्यूटिव का 2130 रुपये है।
वीआईपी होटल रूम जैसा है नजारा
वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर कोच को होटल के रूम जैसा बनाया गया है। लग्जरी कोच में गद्देदार सीटें, चढ़ने उतरने के लिए छोटी सीढ़ियां और काफी जगह है। इसमें एसी सेकेंड की तरह ऊपर-नीचे दो ही स्लीपर सीटें होंगी। रीडिंग लैंप, चार्जिंग प्वाइंट, हर सीट पर एसी की विंडो जैसी बुनियादी सुविधाएं हाईटेक तरीके से दी गई हैं। इसमें हर कोच में तीन टॉयलेट होंगे और पेंट्रीकार की व्यवस्था होगी।
वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर कोच तैयार हो रहे हैं। अगले साल की शुरुआत में स्लीपर कोच के साथ वंदे भारत चलने लगेगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। -हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे