क्या है पूरा मामला?
गिरवां थाना क्षेत्र के सरस्वाह गांव निवासी सुनील का 12 वर्षीय पुत्र नितिन बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करता था। सोमवार शाम करीब सात बजे उसे अतरिक्त गंभीर हालत में जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर लाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं, दूसरी घटना में तिंदवारी निवासी पुष्कर का 10 वर्षीय पुत्र अरुण भी इसी आवासीय विद्यालय का छात्र था। उसे शाम करीब छह बजे ट्रामा सेंटर लाया गया था। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप- समय पर नहीं दी गई सूचना
एक ही विद्यालय के दो मासूम छात्रों की संदिग्ध हालात में हुई इस तरह अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर कड़ा आक्रोश जताते हुए आरोप लगाया कि बच्चों की हालत बिगड़ने की कोई भी सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई। प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं मिल सकी।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
दोनों छात्रों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।