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Kanpur News: इंजन से दो क्विंटल के हार्मोनिक फिल्टर हटेंगे, ट्रेन तेज भागेगी

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कानपुर। फजलगंज स्थित इलेक्ट्रिक लोको शेड के इंजीनियर और आईआईटी ने मिलकर तीन तकनीक विकसित की है। इससे ट्रेन के इंजन में लगा दो क्विंटल का भारी-भरकम हार्मोनिक फिल्टर हट जाएगा। इससे ट्रेन की स्पीड भी बढ़ जाएगी। इससे रेलवे को एक साल में करीब 42 सौ करोड़ रुपये की बचत होगी।
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पुराने समय में इंजन में हार्मोनिक फिल्टर लगते थे। इनका काम पटरी पर लगी सिग्नलिंग और एएफटीजी प्रणाली से उत्पन्न होने वाली अर्थिंग को खींचना होता था। इससे इंजन पर कोई फर्क नहीं पड़ता था। फजलगंज स्थित लोको शेड के वरिष्ठ मंडल बिजली अभियंता राहुल त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2012-13 में इंजन में बदलाव किए गए। इसके बाद इस हार्माेनिक फिल्टर का कार्य इंजन में आधे से भी कम रह गया। अब इसे हटाने पर विचार किया गया है। दो साल पहले सितंबर 2023 में आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर शोध शुरू किया गया। तकनीक तैयार करने के बाद इसे रेलवे बोर्ड को भेजा गया जहां से इस पर ट्रायल करने के लिए कहा गया है। नई तकनीक तीन कंपनियों के इंजन पर सफल रही और हार्मोनिक फिल्टर हटाने पर इंजन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। अब पूरी रिपोर्ट फिर रेलवे बोर्ड को भेजी गई है। इसी साल के अंत तक इंजन में हार्माेनिक फिल्टर हटा दिए जाएंगे। इससे इंजन की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।


इंजन फेल नहीं होगा
हार्माेनिक फिल्टर लगे इंजन में अक्सर खराबी आती थी। अभी पांच हजार से अधिक इंजन में हार्मोनिक फिल्टर लगे हैं। हर महीने 300 से ज्यादा हार्मोनिक फिल्टर खराब होते हैं। इन्हें सही करने में भारी-भरकम राशि खर्च होती है। नई तकनीक से हर साल रेलवे को करीब 42 सौ करोड़ रुपये की बचत होगी। साथ ही फिल्टर के फटने की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। इंजन फेल नहीं होंगे
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वर्जन
बोर्ड से अनुमति के बाद हार्माेनिक फिल्टर हटाने का कार्य लोको शेड में शुरू होगा। इसी साल के अंत तक सभी पांच हजार हार्मोनिक फ़िल्टर लोको मोटिव को बदलकर नई तकनीक से लैस किया जाएगा। पैसेंजर ट्रेनों में इसकी जगह वाटरलेस यूरिनल लगाए जाएंगे। - राहुल त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल बिजली अभियंता, लोको शेड
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