कानपुर। अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों का सहयोग करने में सामने आए पुलिस अधिकारियों में दो ने नोटिस नहीं लिया है। एसआईटी ने उनके नोटिस तामील कराने के लिए उनके शीर्ष अधिकारियों को पत्र भेजा है। तीन बार के नोटिस में अगर पुलिस अधिकारी जांच में शामिल नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे फर्जी आरोपों की जांच कर रही एसआईटी के सामने क्षेत्राधिकारी ऋषिकांत शुक्ला, वीके पांडेय, संतोष कुमार सिंह, इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी, केडीए वीसी के पूर्व व तत्कालीन पीए का नाम सामने आया था। इन पर फर्जी एफआईआर कराने और जमीन संबंधी मामलों में सहयोग करने का आरोप है। एसआईटी ने सभी को नोटिस जारी कर 29 और 30 अगस्त को बयान के लिए बुलाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार दो क्षेत्राधिकारियों ने नोटिस नहीं लिया है। एक बहाना बनाकर चले गए जबकि दूसरे के परिजनों ने इन्कार कर दिया है। स्टाफ ऑफिसर राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि नोटिस न लेने वालों के शीर्ष अधिकारियों को पत्र भेजा गया है जिसमें नोटिस तामील कराने की बात लिखी हुई है। ब्यूरो