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कानपुर: डेढ़ लाख में बेचते थे तीन लाख के जाली नोट, नकली नोट बनाने का तरीका जान पुलिस भी हैरान

Wed, 26 May 2021 02:43 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

दो लाख के नकली नोटों समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कानपुर समेत आसपास के शहरों में भी नकली नोटों का गोरखधंधा फैला रखा था।
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नकली नोटों समेत दो शातिर गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में नौबस्ता पुलिस और स्वाट टीम ने पांच सौ के नोटों की फोटो कॉपी कर मार्केट में चलाने वाले गिरोह का बुधवार को भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो लाख रुपये की कीमत के पांच-पांच सौ के ऐसे नोट बरामद हुए हैं।
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आरोपी बिहार और प्रयागराज से कानपुर आकर ये नोट खपाते थे। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि नौबस्ता बाईपास से बिहार के गोपालगंज जिले के सलेमपुर मोहम्मदपुर निवासी रामकुमार और प्रयागराज के साहदलपुर मऊ निवासी अशोक सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

दोनों कई वर्षों से यह अवैध कारोबार कर रहे थे। नौबस्ता थाने में दोनों के खिलाफ अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। दोनों पर धोखाधड़ी और नकली नोट छापने और उनको खपाने की गंभीर धाराएं लगाई हैं। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि स्वाट टीम व नौबस्ता पुलिस ने नकली नोट के गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच जारी है। 
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डेढ़ लाख में बेचते थे तीन लाख के जाली नोट 
स्वाट टीम प्रभारी इंस्पेक्टर अमित तोमर ने बताया कि आरोपी खुद नोट छापते थे। कलर प्रिंटर से नोट को स्कैन कर उसका प्रिंट निकालते थे। आरोपी शहर-शहर जाकर जाली नोट खपाते थे। तीन लाख के नोट एक से डेढ़ लाख रुपये में देते थे। नोट ढाबा संचालकों, छोटो-मोटे कारोबारियों को खपाने के लिए बेचे जाते थे। विश्वास दिलाने के लिए नकली के बजाय असली नोट बाजार में चलाकर दिखाते थे और सौदा पक्का कर लेते थे। 
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