कानपुर। लंबे समय से चल रहे इंतजार के बाद ग्रीनपार्क स्टेडियम में लाल मिट्टी की पिच बनाने का रास्ता साफ हो गया है। एक हफ्ते में महाराष्ट्र से 40 टन विशेष लाल मिट्टी आएगी। 26 जनवरी के बाद स्टेडियम के मुख्य विकेट स्क्वायर पर एक लाल मिट्टी वाली और दूसरी लाल-काली मिट्टी के मिश्रण से पिच तैयार की जाएगी। वर्तमान में ग्रीनपार्क में नौ पिचें काली मिट्टी की हैं।
नई पिचों के बन जाने से उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की मेजबानी क्षमता बढ़ेगी और घरेलू के साथ-साथ एकदिवसीय, टी-20, टेस्ट और आईपीएल मैच मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी। बीसीसीआई कंसल्टेंट क्यूरेटर शिव कुमार के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिकतर मुकाबले लाल मिट्टी की पिचों पर खेले जाते हैं। ऐसी पिचों पर घास की ग्रोथ बेहतर रहती है, बाउंस अच्छा मिलता है और शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों तथा बाद में स्पिनरों दोनों के लिए मददगार होती हैं।
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में बनी लाल-काली मिट्टी मिक्स पिच का परिणाम भी सकारात्मक रहा है। घरेलू सत्र में यूपी के खिलाड़ी अक्सर महाराष्ट्र, बंगाल, चेन्नई, दिल्ली और अहमदाबाद के मैदानों पर लाल मिट्टी की पिचों पर खेलते हैं। ग्रीनपार्क में इसी तरह की पिच तैयार होने से खिलाड़ियों को हर परिस्थिति में खेलने का अनुभव मिलेगा। शिव कुमार ने बताया कि कमला क्लब में भी जल्द लाल मिट्टी की पिच तैयार करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी ने कहा कि लाल मिट्टी की पिच बनने से ग्रीनपार्क स्टेडियम की साख बढ़ेगी और बड़े मैचों की मेजबानी का मार्ग और सुगम होगा।