कानपुर देहात। बारा उपकेंद्र का लोड कम करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में पहल हुई है। दो नए फीडर बनाकर बारा उपकेंद्र का भार न्यू बारा उपकेंद्र पर शिफ्ट किया जाएगा। इससे 45 फैक्टरियों व अन्य घरेलू कनेक्शनों की बिजली आपूर्ति सुधरेगी।
बारा उपकेंद्र की क्षमता 25 एमवी है। इस उपकेंद्र की क्षमता को बढ़ाना अब संभव नहीं है। मौजूदा समय में बारा उपकेंद्र से दो औद्योगिक फीडर पर करीब 85 फैक्टरियां संचालित हैं। इधर, करीब 10 हजार अन्य कनेक्शन भी हैं। गर्मी में ओवरलोड की स्थिति बनती है। ट्रिपिंग होने से फैक्टरियों में उत्पादन पर प्रभावित होती है। बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए बिजनेस प्लान 2026-27 में बारा उपकेंद्र से जुड़े औद्योगिक फीडर व एक अन्य फीडर को नई लाइन बनाकर न्यू बारा उपकेंद्र से जोड़ने का प्रस्ताव बनाया गया था। इसकी मंजूरी मुख्य अभियंता ने दी है। बिजनेस प्लान में नया फीडर 11.72 लाख की लागत से बनेगा और इसे न्यू बारा उपकेंद्र से जोड़ा जाएगा। वहीं, बारा उपकेंद्र के एक अन्य ओवरलोड फीडर की जगह 2.29 लाख से नया फीडर बनाकर न्यू बारा उपकेंद्र से जोड़ने का काम जल्द कराया जाएगा।
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बयान......
बिजनेस प्लान में जरूरी बिजली तंत्र सुधार की व्यवस्था है। ओवरलोड उपकेंद्र के कनेक्शनों का लोड अन्य फीडर बनाकर शिफ्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसी क्रम में दो नए फीडर बनाकर बारा उपकेंद्र का लोड कम किया जाएगा। जल्द काम शुरू कराए जाएंगे। - संदीप कुमार सिंह, मुख्य अभियंता विद्युत
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उद्यमी कई बार उठा चुके ट्रिपिंग का मुद्दा
औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति की जरूरत है। तिरपाल, धागे, पाइप, लैमिनेशन व मोल्डेड आइटम से जुड़ी फैक्ट्रियों में ट्रिपिंग से मशीनें बंद हो जाती हैं। इससे कच्चा माल मशीन में फंस जाता है। हर दिन हजारों का नुकसान होता है। वहीं समय जाया होता है और उत्पादन पर असर पड़ता है। सीमा संस्था के जोनल चेयरमैन हरदीप सिंह राखरा कहते हैं कि पूर्व में कई बार बिजली निगम के अधिकारियों को समस्या बताई जा चुकी है। हर बार आश्वासन मिलते रहे हैं।