कानपुर देहात। प्रभारी निरीक्षक के आदेश के बाद भी पीड़ित का मुकदमा दर्ज न करने पर सोमवार को भोगनीपुर कोतवाली के दो हेड मोहर्रिरों को निलंबित कर दिया गया। एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।
भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 26 जून की रात दो लोगों के बीच मारपीट की घटना हो गई थी। जिसमें कोतवाली पुलिस ने एक पक्ष का मुकदमा मारपीट व रुपये छीनने की धाराओं में दर्ज कर लिया था, जबकि दूसरेे पक्ष ने पुत्री के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा तहरीर दी थी। हेड मोहर्रिर लाखन सिंह ने उसे 27 जून को कोतवाली आने को कहा था। घटना के दूसरे दिन पीड़ित कोतवाली पहुंचा तो प्रभारी निरीक्षक के न होने के बात कहकर हेड मोहर्रिर ने घंटों कोतवाली में बैठाए रखा। पीड़ित ने सुनवाई न होते देख उसने एसपी कार्यालय पहुंच गुहार लगाई। एसपी अनुराग वत्स ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दे दिए थे। जांच रिपोर्ट में हेड मोहर्रिर की ओर से लापरवाही बरतने की बात प्रकाश में आने पर उन्होंने पुन: प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी से फोन पर संपर्क कर मामले का संज्ञान लिया। जिस पर उन्होंने हेड मोहर्रिर को मुकदमा दर्ज करने के मौखिक आदेश देने की बात बताई। मामले में मोहर्रिर लाखन सिंह व अमित कुमार की लापरवाही उजागर होने पर एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया।