जाड़े में अनियंत्रित ब्लड प्रेशर रोगियों की हालत बिगाड़ रहा है। बुधवार को दो रोगियों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं, ब्रेन हेमरेज के रोगियों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। हैलट के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में हाई ब्लड प्रेशर के कारण लकवा के तीन रोगी आए। वहीं, सात को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इसी तरह कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट की ओपीडी में हृदय रोगियों की संख्या में 40 फीसदी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही अस्थमा और सीओपीडी के रोगियों की हालत बिगड़ रही है।
रावतपुर निवासी राजकुमार (55) की बुधवार को हृदय गति रुकने से मौत हो गई। कार्डियोलॉजी लेकर आए परिजनों ने बताया कि अचानक तबियत बिगड़ी और मुंह से झाग आने लगा। अस्पताल लाए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसी तरह चमनगंज निवासी बिलकीस (45) की सुबह हालत बिगड़ गई। बेहोशी की हालत में रोगी को परिजन पहले उर्सला ले गए, वहां से कार्डियोलॉजी रेफर किया गया। लेकिन परिजन सिविल लाइंस स्थित निजी अस्पताल ले गए वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. विशाल कुमार गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में आए रोगियों का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ निकला। ओपीडी में लकवा के तीन रोगी आए। इसके साथ ही सात रोगियों को गंभीर हालत में इमरजेंसी में भर्ती किया गया। वहीं, न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि ब्रेन हेमरेज के रोगी पांच गुना बढ़े हैं। पहले औसत दो रोगी आते थे, अब 10 रोगी आ रहे हैं। ब्लड प्रेशर हाई होने की वजह से यह दिक्कत है।