उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की कोतवाली कुलपहाड़ के बुधौरा गांव में आरोपी को पकड़ने गए दो सिपाहियों को महिलाओं ने मकान के अंदर बंद कर पीटा और मोबाइल छीन लिए। एक सिपाही की वर्दी फट गई। सिपाहियों ने दूसरे मकान में कूदकर अपनी जान बचाई। थाने से पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मकान में ताला लगाकर भाग गए। गांव में पीएसी व कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है।
बुधौरा गांव निवासी बृजलाल अनुरागी ने चौकी बेलाताल में शिकायती पत्र देकर गांव के ही ग्राम प्रधान देव सिंह के भाई भुजबल सिंह राजपूत के खिलाफ मारपीट, अभद्रता व धमकी का आरोप लगाया था। शिकायती पत्र के आधार पर चौकी बेलाताल के सिपाही शिवम मौर्या व रविशंकर पाल मंगलवार की दोपहर बाइक से पूछताछ के लिए गांव गए थे।
जैसे ही दोनों सिपाही आरोपी के घर में जाकर उसका पक्ष जानने लगे और चौकी चलने की बात कही। इस पर परिवार की महिलाएं भड़क गईं और मुख्य गेट की अंदर से कुंडी लगाकर सिपाहियों से धक्का-मुक्की व मारपीट कर दी। जिससे सिपाही घायल हो गए और उनकी वर्दी भी फट गई। महिलाओं ने सिपाहियों की बाइक की चाबी व मोबाइल भी छीन लिए। बाद में दोनों सिपाहियों ने किसी तरह दीवार फांदकर पड़ोसी के घर में छिप गए और जान बचाई।
सूचना पर कोतवाली कुलपहाड, थाना अजनर व चौकी बेलाताल की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंच गई। सीओ कुलपहाड़ तेज बहादुर सिंह व कोतवाली प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह ने गांव पहुंच जांच की लेकिन आरोपी घर पर नहीं मिले। उधर पीड़ित पक्ष की महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत एसपी व सांसद से करने की बात कही।