इटावा/ताखा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा का वादा करके हर माह लाखों रुपये का टोल यूपीडा वसूल रहा है। इसके बाद भी एक्सप्रेसवे पर गोवंशों को चढ़ने से रोका नहीं जा रहा। सोमवार रात एक्सप्रेसवे पर मृत पड़े गोवंश से दो कारें टकरा गईं। कार सवार बाल-बाल बचे।
ऊसराहार थानाक्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर सोमवार रात करीब साढे़ 10 बजे कठौतिया गांव के पास टूटी बैरिकेडिंग से एक गोवंश ऊपर चढ़ आया। किसी वाहन की टक्कर से उसकी मौत हो गई। करीब आधे घंटे तक शव एक्सप्रेसवे पर पड़ा रहा लेकिन यूपीडा टीम को यह नजर नहीं आया। इसी दौरान डॉक्टर रजनी यादव, सुनील यादव व कार चालक पूरन सिंह निवासी रेलवे माघव नगर ज्ञानदीप स्कूल शिकोहाबाद की कार गोवंश के शव से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। कार सवार हरदोई से शिकोहाबाद लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची कुदरैल एक्सप्रेसवे चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान एक और कार गोवंश के शव से टकराकर पलट गई। इस कार में सवार लोग लखनऊ से आगरा जा रहे थे। कार में मदन श्रीवास्तव निवासी शास्त्री नगर नई दिल्ली, जगदीश कुमार, राहुल कुमार निवासी विष्णु बिहार वृंदावन सवार थे।
कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। कार सवारों को मामूली चोटें आईं। हादसे की वजह से एक्सप्रेसवे पर यातायात भी बाधित हुआ। मौके पर पहुंची यूपीडा व पुलिस टीम ने प्राथमिक उपचार कराया। गोवंश के शव को हटवाकर सामान्य कराया गया। कुदरैल एक्सप्रेसवे चौकी प्रभारी जगराम सिंह ने बताया कि गोवंश के शव से दो वाहन टकराकर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसमें कार सवार लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
तीन किलोमीटर पर छह जगह हटी है जाली
हादसे के बाद बुधवार को अमर उजाला की टीम ने एक्सप्रेस वे पर पड़ताल की तो यूपीडा के दावों की पोल खुल गई। लखनऊ से आगरा की ओर जाने वाली लेन पर लगभग छह जगह जाली हटी हुई मिली। इससे ही गोवंश एक्सप्रेसवे पर आ जाते हैं। तेज रफ्तार वाहनों को देखकर कई बार गोवंश बिदक भी जाते हैं और यहां-वहां भागने लगते हैं। ऐसे में बड़ा हादसों होने का डर बना रहता है।
क्षेत्रीय यात्री शॉर्टकट के लिए हटा देते हैं जाली : यूपीडा
यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पूरे एक्सप्रेसवे पर जालियां लगवाई गई हैं। ताकि गोवंश या कोई अन्य व्यक्ति बीच रास्ते से एक्सप्रेसवे पर प्रवेश न कर सके, लेकिन स्थानीय लोग अक्सर बसों आदि से एक्सप्रेसवे पर उतर जाते हैं। वह शॉर्टकट की वजह से इन जालियों को हटा देते हैं। स्थानीय पुलिस-प्रशासन का सहयोग न मिलने की वजह से इस तरह के अराजक लोगों पर काबू नहीं किया जा पा रहा है। फिर भी अपने स्तर ही लोगों को चिह्नित करके अब यूपीडा कार्रवाई करेगा। साथ ही जालियों को लगवाएंगे।