यह था पूरा मामला
जेसीपी ने बताया कि पिछले साल 30 मई को रावतपुर निवासी प्रदीप कटियार ने क्राइम ब्रांच की साइबर सेल में आकर शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था पहले ठगों ने भारत में बिजनेस करने के नाम पर झांसा दिया था। फोन पर ही बिजनेस पार्टनर बनाया। फिर गिफ्ट भेजने की बात कही। इस बीच एक महिला का फोन आया जिसने खुद को कस्टम ऑफिसर बताकर कहा कि आपके नाम से पार्सल आया है, जिसमें 33 करोड़ रुपये हैं।
उसे छुड़ाने के लिए 12 लाख 47 हजार रुपये खाते में डालने होंगे। झांसे में आकर प्रदीप ने रुपये डाल दिए थे। रावतपुर थाने में धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रदीप ने ठगों के छह बैंक खातों में रकम भेजी थी। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने सभी खातों को फ्रीज कराया। इसके बाद उन्हें दबोच लिया गया। प्रदीप वर्तमान में दुबई में नौकरी कर रहे हैं।
ऐसे हुई थी ठगी
प्रदीप कटियार ने बताया कि पिछले साल पांच मई को उनके मोबाइल पर एक अनजान शख्स की कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एलेक्स जार्ज बताते हुए उनसे दोस्ती की। इसके बाद उसने इंडिया में बिजनेस करने की बात कहते हुए उन्हें पार्टनर बनाने का झांसा दिया। झांसे में आने पर उसने कहा कि मैं आपके लिए गिफ्ट भेज रहा हूं। इसके बाद उसे फोन कट कर दिया।
कुछ दिन बाद दोबारा उनके मोबाइल पर सोनम नाम की एक महिला की कॉल आई। उसने खुद को मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी होने की बात कहते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर आपके नाम का एक बैग आया है, जिसमें 33 करोड़ रुपये हैं। उसे एलेक्स जार्ज नामक शख्स ने भेजा है। उसे लेने के लिए उन्हें तीन लाख रुपये कस्टम टैक्स देना पड़ेगा। उसके बाद मुझसे अलग-अलग तारीखों पर छह खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए।