फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तुलसीदास ने की थी यहां पर काली मां की पूजा 

Wed, 05 Oct 2016 04:06 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
पंचनंद मंदिर में मां काली की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भीखेपुर से सेंगनपुर होते हुए जुहीखा पुल पार पंचनद क्षेत्र में सिद्ध काली देवी का मंदिर दूर-दराज तक प्रसिद्ध है। यहां काली माता के सिर पर शिवलिंग स्थापित है।
विज्ञापन


यह एक अनोखी मूर्ति है। इसके बारे में मंदिर के पुजारी महंत संतोष वन बताते हैं कि ऐसी दूसरी प्रतिमा सिर्फ कोलकता वाली काली देवी की है। यहां पर तुलसीदास ने रुककर काली माता की पूजा की थी।

मंदिर के पुजारी सुमेर वन बताते हैं कि मंदिर की स्थापना वर्ष 1653 मे राजा जगम्मनशाह की मदद से बाबा मकुन्दवन ने की। पंचनद मंदिर कमेटी के मंत्री अंजनी कुमार मिश्र बताते हैं कि देवी मंदिर में संत तुलसीदास ने रुककर काली माता की पूजा की थी।
विज्ञापन


उन्होंने जगम्नपुर के राजा को लक्ष्मी नारायण की मूर्ति, वामावर्ती शंख एवं एकमुखी रूद्राक्ष भी दिया था। राजा ने किले में लक्ष्मी नारायण की मूर्ति रखने के लिए मदिर बनवाने का संकल्प लिया जिसकी आधार शिला भी तुलसीदास ने ही रखी। नवरात्र में सिद्ध काली मां के पैरों की पूजा मात्र पान बताशा से की जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें