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एक बच्चा तीन बार मरा

Tue, 04 Oct 2016 10:25 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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शिशु का पैर
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15 दिन के एक बच्चे की मौत तीन बार हुई। यह बात आपको भले ही अटपटी लग रही हो लेकिन कानपुर देहात जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय बाल आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में तो यही कहा गया है। लावारिस मिले बच्चे को अवैध रूप से गोद देने और फिर मौत होने का यह मामला कानपुर देहात प्रशासन और पुलिस के लिए गले की फांस बन गया है। राष्ट्रीय बाल आयोग ने जिलाधिकारी से दोबारा पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।

12 अगस्त 2015 को रसूलाबाद कानपुर देहात के रायपुर लालू गांव में नहर किनारे झाड़ियों में 15 दिन का लावारिस बच्चा मिला था। इंदरपुर लालू गांव के प्रधान राम प्रसाद वर्मा ने गांव के ही बृजेश कुमार द्विवेदी और उनकी पत्नी गीता को एक हलफनामा पर नोटरी कराते हुए बच्चे को उन्हें गोद दे दिया। चाइल्ड लाइन के समन्वयक विनय ओझा ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि अवैध रूप से गोद दिए गए इस बच्चे की 23 सितंबर 2015 को मौत हो गई।
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इस पर 15 अक्तूबर 2015 को उन्होंने इसकी शिकायत राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग को भेजी। शिकायत में बच्चे की मौत पर संदेह और उसकी खरीद-फरोख्त या कहीं छिपा दिए जाने की आशंका जताई। आयोग के आदेश पर पुलिस ने जांच कर आयोग को रिपोर्ट भेज दी। इस रिपोर्ट पर आयोग ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि थाने के तत्कालीन एसआई रामचंद्र पाल ने बच्चे की मौत 17 अगस्त 2015 को होना बताया। इस रिपोर्ट को तत्कालीन थानाध्यक्ष ने अग्रसारित किया है।
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दूसरी ओर सीओ रसूलाबाद ने मौत की तारीख 27 अगस्त 2015 बताई है। उन्होंने यह बात ग्रामीणों से जानकारी के अनुसार लिखी है। वहीं शिकायतकर्ता ने 23 अगस्त 2015 को मौत होना बताया है। आयोग ने पुलिस द्वारा बाल कल्याण समिति के आदेश का पालन न करने पर भी आपत्ति जताई। समिति ने अवैध रूप से बच्चे को गोद दिए जाने की शिकायत पर पुलिस से बच्चे को शांती देवी मेमोरियल बाल गृह शिशु केंद्र में दाखिल करने को कहा था पर ऐसा नहीं किया गया। अब आयोग ने डीएम से दोबारा जांच रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने एसपी देहात को रिपोर्ट देने को कहा है।

 
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