चित्रकूट में महाशिवरात्रि पर कुंभ के अंतिम स्नान करने के लिए हजारों श्रद्धालुओं से भरी तुलसी एक्सप्रेस की बोगी की छत व इंजन पर सैकड़ों श्रद्धालु सवार हो गए। बांदा से वाया चित्रकूट ओहन तक तो ट्रेन चली लेकिन अचानक चालक ने ट्रेन आगे बढ़ाने से मना कर दिया।
दरअसल मानिकपुर से प्रयागराज तक के लिए इलेक्ट्रिक लाइन है यदि ट्रेन मानिकपुर तक जाती तो निश्चित बड़ा हादसा होता। यात्रियों ने पहले तो काफी देर तक हंगामा किया। लेकिन आरपीएफ व जीआरपी की टीम ने पहुंचकर सभी यात्रियों को छत व इंजन से नीचे उतारकर ट्रेन सकुशल रवाना किया। इस कारण ट्रेन साढे़ तीन घंटे लेट हुई।
सोमवार को तुलसी एक्सप्रेस में पहले चित्रकूट में दर्शन करने वालों की भीड़ थी इसके बाद चित्रकूट से प्रयागराज संगम स्नान करने के लिए स्टेशन पर हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। सुबह जैसे ही ट्रेन आई तो श्रद्धालुओं ने बोगी की छत व इंजन पर भी जाकर बैठ गए। रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेन चालक व गार्ड की सूझबूझ की प्रशंसा की।