जय नारायण की फाइल फोटो व घर पर रोते-बिलखते परिजन
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जालौन जिले में गोहन थानाक्षेत्र के हिंगुटा गांव में शनिवार को लीवर की बीमारी से परेशान किसान जय नारायन राठौर (51) ने खुद को आग लगाकर जान दे दी। लपटें देख परिजनों ने दरवाजा तोड़ कर आग पर काबू पाया।
तब तक किसान की मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
हिंगुटा गांव निवासी किसान जयनारायन राठौर दो वर्ष से लीवर की बीमारी से पीड़ित थे। उनका इलाज चल रहा था। परिजनों ने बताया कि जय नारायण आगरा से दवा लेने जाते थे। शनिवार सुबह पत्नी सुनीता, बेटी वर्षा (17) जानवर को चारा देनी चली गईं।
इस बीच जयनारायन ने कमरे का दरवाजा बंद कर अपने शरीर पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। कमरे के अंदर से आग की लपटें निकलती देख ग्रामीण व परिजन आ गए। परिजन दरवाजा तोड़कर कमरे के भीतर गए।