पहली पत्नी की मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया। बाद में मोबाइल पर तलाक दे दिया। जिससे अब पत्नी मायके में किराये के मकान में रहकर दो बच्चों की परवरिश कर रही है। दिनरात मेहनत करने के बाद भी महिला को परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। थक हार चुकी महिला अधिकारियों की चौखट पर दस्तक दे रही है। लेकिन उसे कोई न्याय नहीं मिला।
वर्ष 2009 में उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कस्बा कबरई में किदवईनगर निवासी मुबीना पुत्री जहूर की शादी खुटला बांदा निवासी शब्बीर अहमद पुत्र रहमत के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन प्रताड़ित करते थे। मुबीना ने बताया कि आए दिन दहेज की मांग को लेकर उसकी मारपीट करते थे। कुछ माह पहले उसकी सरेआम मारपीट कर घर से निकाल दिया था। रातभर दरवाजे पर लेटे रहने के बाद सुबह वह अपने मायके कबरई आ गई।
कबरई में माता पिता के यहां मात्र एक कमरा होने से महिला ने किराये का मकान पड़ोस में ले लिया और एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगी। बेहद कम मानेदय मिलने के कारण महिला रात में सिलाई और सुबह शाम ट्यूशन करके बच्चों की परवरिश कर रही है। दो दिन पहले पति ने मोबाइल से उसे तलाक दे दिया। इससे आहत होकर महिला ने थानाध्यक्ष कबरई को शिकायती पत्र न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद चित्रकूटधाम मंडल बांदा के कमिश्नर को शिकायती पत्र सौंप कर न्याय की गुहार लगाई। लेकिन महिला को कोई न्याय नहीं मिला। अब वह मेहनत मजदूरी करके दोनों बच्चों को पाल रही है।